अतुल सुभाष सुसाइड केस: बेंगलुरु के एक कोर्ट ने पत्नी निकिता सहित तीन आरोपियों को दी जमानत

Updated at : 04 Jan 2025 7:26 PM (IST)
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Atul Subhash Suicide Case

Atul Subhash Suicide Case

Atul Subhash Suicide Case: अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को बेंगलुरु के एक कोर्ट ने शनिवार को जमानत दे दी.

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Atul Subhash Suicide Case: बेंगलुरु के सिटी सिविल कोर्ट ने अतुल सुभाष सुसाइड केस में गिरफ्तार पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साला अनुराग सिंघानिया को जमानत दे दी. पुलिस ने पत्नी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था. पत्नी निकिता, सास और साला पर अतुल को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है.

एक आरोपी को पहले ही मिल चुकी है जमानत

अतुल सुभाष सुसाइड केस में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया के चाचा सुशील सिंघानिया को पहले ही जमानत दे दी थी.

पत्नी निकिता सिंघानिया अपनी गिरफ्तारी को दी है चुनौती

पिछले साल बेंगलुरु में आत्महत्या करने वाले AI इंजीनियर अतुल सुभाष की पत्नी निकिता ने खुद को गिरफ्तार किए जाने को कोर्ट में चुनौती दी है. उसने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किए जाने को भी चुनौती दी है. निकिता के वकील भरत कुमार ने गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताते हुए जमानत की मांग की थी.

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अतुल सुभाष ने पिछले साल 9 दिसंबर को कर ली थी सुसाइड

AI इंजीनियर अतुल सुभाष पिछले साल 9 दिसंबर को बेंगलुरु में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. उसने 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था. जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी निकिता और उसके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था. अतुल ने सुसाइड से पहले 90 मिनट का एक वीडियो बनाया था, जिसमें अपने साथ हुए अत्याचार की पूरी कहानी बताई थी. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि एक जज ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की थी.

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सरकारी वकील ने कहा, जमानत दिए जाने को देंगे चुनौती

अतुल सुभाष के आरोपियों को जमानत मिलने से दुखी सरकारी वकील पोन्नन्ना ने कहा, “पत्नी, साला और सास तीनों ही जमानत के लिए सत्र न्यायालय के समक्ष आए थे. एक बार आदेश को विस्तार से देखने के बाद, हमें पता चल जाएगा कि किस आधार पर जमानत दी गई है या शर्तें लगाई गई हैं. जांच अभी लंबित है. उन्हें जमानत के लिए अधिक मेहनत करनी चाहिए थी क्योंकि जांच पूरी किए बिना ही इन याचिकाकर्ताओं को जमानत मिल गई. हम जमानत आदेश से खुश नहीं हैं और इसे चुनौती दी जाएगी.”

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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