राजस्थान: चुनाव की तारीख का ऐलान होते ही सोनिया गांधी के पास पहुंचे सीएम अशोक गहलोत, मुलाकात के बाद कही ये बात

Edited by Amitabh Kumar
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Rajasthan Election 2023 : हमने राजस्थान की जनता को महंगाई से कुछ राहत दिलाने का प्रयास किया है. हमें गांवों से जो फीडबैक मिल रहा है, वह बहुत अच्छा है. जानें सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद क्या बोले सीएम अशोक गहलोत

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Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा हो चुकी है. मतदान से पहले कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से रेस है. इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजधानी दिल्ली पहुंचे और सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वे हमारी अध्यक्ष रहीं हैं. आज हम जहां भी पहुंचे हैं, उनके आशीर्वाद से पहुंचे हैं… हम चाहेंगे की वे चुनाव प्रचार के लिए राजस्थान आएं. आगे गहलोत ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया अभी शुरू हुई है और 18 अक्टूबर के आसपास, जब सीईसी की बैठक शुरू होगी, तभी हम चीजों (राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों) को अंतिम रूप देने में समर्थ होंगे. राजस्थान के सीएम ने कहा कि मैं जब भी दिल्ली आता हूं, सुनिश्चित करता हूं कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात जरूर करूं. जहां तक चुनाव की बात है तो गांव से लेकर शहर तक हर घर में कांग्रेस सरकार की योजना के लाभार्थी हैं. हमने राजस्थान की जनता को महंगाई से कुछ राहत दिलाने का प्रयास किया है. हमें गांवों से जो फीडबैक मिल रहा है, वह बहुत अच्छा है. हमारे सुशासन के कारण, हम राजस्थान के लोगों से हमें सत्ता में वापस लाने की अपील करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के साथ, कई योजनाएं बंद हो गई हैं.

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सात से 30 नवंबर के बीच

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने अगले वर्ष लोकसभा चुनाव से पहले ‘सेमीफाइनल’ के तौर पर देखे जा रहे पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का गत सोमवार को ऐलान कर दिया. इस क्रम में राजस्थान में विधानसभा चुनाव एक चरण में कराने की घोषणा आयोग की ओर से की गई है. प्रदेश में 23 नवंबर को वोटिंग होगी जबकि तीन दिसंबर को मतगणना होगी. राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीट 23 नवंबर को जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई.

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2018 में कांग्रेस ने बनाई थी प्रदेश में सरकार

पिछला चुनाव की बात करें तो साल 2018 में कांग्रेस ने राजस्थान में सरकार बनायी थी. इस चुनाव में कांग्रेस ने कुल 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 73 सीट ही सिमट गयी थी. ट्रेंड के अनुसार इस साल बीजेपी की वसुंधरा सरकार चुनाव हार गयी और जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया. इसके अलावा बीएसपी को 6, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्‍ससिस्‍ट) को 2, भारतीय ट्रायबल पार्टी को 2, राष्ट्रीय लोक दल को एक, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को 3 और निर्दलीयों उम्मीदवार को 13 सीटों पर जीत मिली थी.

क्या रहा है राजस्थान का ट्रेंड

यदि हम पिछले 20 साल में राजस्थान में हुए चार विधानसभा चुनाव की बात करें तो कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई. सत्ताधारी पार्टी के विधायक दोबारा चुनाव मैदान में उतरते हैं तो उनमें से ज्यादातर को जनता नकार देती है. जनता का सबसे ज्यादा गुस्सा मंत्रियों पर निकलता नजर आता है, पिछली चार सरकारों में मंत्री रहे ज्यादातर नेता अगले चुनाव में हारते नजर आ चुके हैं. इसको देखकर राजस्थान का ट्रेंड आप सहज समझ सकते हैं कि प्रदेश की जनता हर पांच साल में सरकार बदल देती है.

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क्या कांग्रेस कर रही है दावा

जहां इस बार बीजेपी बिना सीएम फेस के चुनावी मैदान में उतर रही है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता ये दावा करते दिख रहे हैं कि सूबे में इस बार कांग्रेस फिर सत्ता पर काबिज होगी और राजस्थान का ट्रेंड बदलेगा. कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि गहलोत सरकार के शासन में जनता को राहत देने का काम किया गया है. कई ऐसी योजनाएं हैं जो जनता को सीधे लाभ पहुंचा रहीं हैं.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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