Artificial Intelligence: देश के शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए शुरू होगा तीन एक्सीलेंस सेंटर

Published by : Vinay Tiwari Updated At : 14 Oct 2024 4:04 PM

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Dharmendra Pradhan

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बढ़ा है और इसके प्रयोग से क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वास्थ्य, कृषि और सतत विकास वाले शहरों के निर्माण से जुड़े तीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत करेंगे.

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Artificial Intelligence: समय के साथ तेजी से तकनीक में बदलाव हो रहा है. हर क्षेत्र में तकनीक का महत्व बढ़ रहा है. खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बढ़ा है और इसके प्रयोग से क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वास्थ्य, कृषि और सतत विकास वाले शहरों के निर्माण से जुड़े तीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत करेंगे. 

विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तीन एक्सीलेंस सेंटर की अगुवाई देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान उद्योग जगत और स्टार्टअप के साथ मिलकर संचालित करेंगे. यह सेंटर इन विषयों से जुड़े विभिन्न क्षेत्र में रिसर्च, आधुनिक तकनीक का विकास और इस क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के स्थायी तरीके का ईजाद करेंगे.  सरकार की कोशिश देश में एक सशक्त आर्टिफिशियल इकोसिस्टम का विकास करना और इस क्षेत्र में बेहतर मानव संसाधन को तैयार करना है. 


देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का केंद्र बनाना है मकसद


देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मेक इन इंडिया के तौर पर विकसित करना और देश की समस्याओं के लिए इसका विकास करना है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तीन एक्सीलेंस सेंटर का गठन किया जा रहा है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इन केंद्रों के स्थापना की घोषणा की थी. सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2027-28 की अवधि के दौरान 990.00 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च से इन केंद्रों की स्थापना करेगी.

 इस पहल के क्रियान्वयन के  देखरेख के लिए एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है, जिसकी सह-अध्यक्षता ज़ोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक और सीईओ डॉक्टर श्रीधर वेम्बू करेंगे. मंगलवार को होने वाले कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा सचिव के संजय मूर्ति, आईआईटी के निदेशक, उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख, उद्योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्ति, स्टार्ट-अप संस्थापक और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. 

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