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अन्नापूर्ति से स्मार्ट होगा राशन वितरण, आशा अब फोन पर करेगी संवाद

Updated at : 23 Feb 2026 9:47 PM (IST)
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AI India Impact Summit

अन्नापूर्ति स्मार्ट पीडीएस मशीन और आशा एआई वॉइस सिस्टम

AI India Impact Summit: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब जनकल्याण योजनाओं को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है. इस कड़ी में एआई इंडिया इंपैक्ट समिट में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के पवेलियन में प्रदर्शित दो प्रमुख तकनीक अन्नापूर्ति स्मार्ट पीडीएस मशीन और आशा एआई वॉइस सिस्टम ने खास तौर पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

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AI India Impact Summit: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) से जनकल्याण योजनाओं को भी नयी दिशा दे रहा है. एआइ इंडिया इंपैक्ट समिट में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के पवेलियन में प्रदर्शित दो प्रमुख तकनीकों— ‘अन्नापूर्ति’स्मार्ट पीडीएस मशीन और ‘आशा’एआइ वॉइस सिस्टम—ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा. इन तकनीकों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और सरकारी सर्वे, संपर्क व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद बनाना है.

‘अन्नापूर्ति’: स्मार्ट मशीन से मिलेगा सटीक राशन

समिट में प्रदर्शित ‘अन्नापूर्ति’ मशीन एक स्मार्ट राशन वितरण प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से पीडीएस दुकानों के लिए तैयार किया गया है. मशीन में अनाज डालते ही यह तय मात्रा में स्वचालित रूप से वितरण करती है. डिजिटल स्क्रीन के जरिये डेटा मॉनिटरिंग करता है. इससे सटीक वजन मापने की तकनीक, पारदर्शिता और लीकेज रोकने में सहायक, कम समय में अधिक लाभार्थियों को सेवा आदि को प्रदर्शनी में दिखाया गया. इसमें दिखाया गया कि कैसे मशीन में चावल डाले जाने के बाद कन्वेयर और सेंसर की मदद से निर्धारित मात्रा सीधे थैले में पहुंचती है. इससे मानवीय त्रुटि की संभावना कम होती है और लाभार्थियों को पूरा हक मिलता है.

‘आशा’: एआइ जो सुनती भी है और समझती भी

समिट में एक अन्य आकर्षण ‘आशा’एआइ सिस्टम रहा. यह वॉइस आधारित एआइ प्लेटफॉर्म है, जो फोन कॉल के माध्यम से नागरिकों से संवाद कर सकता है. राशन मिलने के 24 से 48 घंटे पर लाभार्थियों को कॉल जाता है. यह स्थानीय भाषाओं में बातचीत करता है. इसके साथ इसमें स्पीच-टू-टेक्स्ट तकनीक भी. बातचीत के आधार पर इंटेंट डिटेक्शन, स्वत: अगला प्रश्न या कार्रवाई डेमो के दौरान दिखाया गया कि किस तरह सिस्टम कॉल रिसीव कर नाम के आधार पर अभिवादन करता है और सर्वे या सूचना संग्रह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है.

पबेलियन में बताया गया कि ऐसी तकनीकें सरकारी योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. स्मार्ट पीडीएस मशीन से जहां राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं एआइ वॉइस एजेंट से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संवाद की खाई कम होगी.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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