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अजीत डोभाल ब्रिटेन के NSA टिम बैरो सामने उठायेंगे खालिस्तानी समर्थकों का मुद्दा, UK के नरम रुख पर भारत सख्त

Updated at : 07 Jul 2023 11:52 AM (IST)
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अजीत डोभाल ब्रिटेन के NSA टिम बैरो सामने उठायेंगे खालिस्तानी समर्थकों का मुद्दा, UK के नरम रुख पर भारत सख्त

डोभाल-बैरो बैठक के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था चुप्पी साधे हुए है, लेकिन भारतीय एनएसए भारतीय राजनयिकों - जिनमें उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और एक महावाणिज्य दूत शामिल हैं - को पोस्टरों में खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों द्वारा निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाएंगे.

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ब्रिटेन के अपने समकक्ष टिम बैरो के साथ खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथियों की गतिविधियों पर चिंता जताएंगे, जब वे शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सरदार पटेल भवन में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. यह बैठक ब्रिटेन स्थित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख और अलगाववादी अमृतपाल सिंह के कथित हैंडलर अवतार सिंह खांडा की 15 जून को बर्मिंघम अस्पताल में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत के बाद हो रही है.

19 मार्च की घटना के बाद भारत सरकार गंभीर 

मोदी सरकार उस वक्त खालिस्तानियों के मुद्दे पर गंभीर हो गई जब, 19 मार्च को लंदन में भारतीय उच्चायोग पर विरोध प्रदर्शन के दौरान खांडा के नेतृत्व में कट्टरपंथियों ने भारतीय ट्राइसिलूर का अपमान किया. शायद पहली बार, दिल्ली पुलिस ने किसी अपराध पर पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की. विदेश में, और बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया

तिरंगे अपमान करने वाले दर्जनों संदिग्धों की पहचान हुई 

वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने खंडा, गुरशरण सिंह और जसवीर सिंह को लंदन की घटना के मुख्य अपराधियों के रूप में नामित किया है, और एनआईए ने अब झंडे के अपमान की घटना के पीछे लगभग एक दर्जन संदिग्धों की पहचान की है

खालिस्तानियों का मुद्दा उठायेंगे डोभाल 

हालांकि डोभाल-बैरो बैठक के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था चुप्पी साधे हुए है, लेकिन भारतीय एनएसए भारतीय राजनयिकों – जिनमें उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और एक महावाणिज्य दूत शामिल हैं – को पोस्टरों में खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों द्वारा निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाएंगे. 8 जुलाई को लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने एक विरोध रैली की घोषणा. रैली की चिंगारी 19 जून को कनाडा में केटीएफ अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की गिरोह से संबंधित गोलीबारी में हुई हत्या है.

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Abhishek Anand

लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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