वायु गुणवत्ता की जांच अब स्वदेशी प्रणाली से होगी, वैज्ञानिकों ने खोजा देसी तरीका

Author : Agency Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Aug 2020 9:11 PM

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विशाखापत्तनम स्थित गायत्री विद्या परिषद के विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने वायु गुणवत्ता मापदंडों की वास्तविक समय में दूरस्थ निगरानी के लिए स्वदेशी प्रणाली विकसित की है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी .

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नयी दिल्ली : विशाखापत्तनम स्थित गायत्री विद्या परिषद के विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने वायु गुणवत्ता मापदंडों की वास्तविक समय में दूरस्थ निगरानी के लिए स्वदेशी प्रणाली विकसित की है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी .

एक बयान में कहा गया कि एयर यूनिक क्वालिटी मॉनिटरिंग (एयूएम) प्रणाली सांख्यिकीय यांत्रिकी, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन शिक्षा आदि के सिद्धांतों पर आधारित एक अभिनव प्रयोग है.

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इसके मुताबिक, यह प्रणाली विभिन्न प्रदूषकों की पहचान एवं मौसम संबंधी मानदंड का वर्गीकरण और परिमाण एक साथ (प्रति अरब से एक भाग कम के क्रम में) और बहुत उच्च परिशुद्धता, संवेदनशीलता और सटीकता के साथ कर सकती है.

डीएसटी की ”शुद्ध वायु अनुसंधान पहल” की सहायता से गायत्री विद्या परिषद के विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान केंद्र के निदेशक प्रोफेसर राव तत्वर्ती और विशाखापत्तनम के जीवीपी अभियांत्रिकी कॉलेज ने मिलकर यह प्रणाली विकसित की है.

बयान के मुताबिक, प्रयोगशाला परीक्षणों के दौरान एयूएम प्रणाली का सफलतापूर्वक मूल्यांकन किया गया. इसकी तुलना फ्रांस और आस्ट्रेलिया से आयातित प्रणाली से भी की गई. इसके मुताबिक, ” यह सभी वायु गुणवत्ता मापदंडों के एक साथ पता लगाने में अत्यधिक संवेदनशील और सटीक पाई गई.”

Posted By – Pankaj Kumar Pathak

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