Aadhar Card: 'आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भारतीय नागरिक होने का प्रमाण नहीं,' बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले से हलचल
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Aug 2025 7:37 PM
Aadhar Card PAN Card
Aadhar Card: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि अगर किसी के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी है, तो इसका मतलब ये नहीं की वह भारतीय नागरिक है. ये केवल पहचान पत्र हैं, नागरिकता का प्रमाण नहीं.
Aadhar Card: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक कथित बांग्लादेशी नागरिक को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी होने मात्र से कोई भारत का नागरिक नहीं बन जाता है. कथित बांग्लादेशी नागरिक पर पिछले साल ठाणे पुलिस में मामला दर्ज किया गया था. उसपर आरोप है कि उसने भारतीय अधिकारियों को गुमराह कर धोखाधड़ी से वोटर कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिया था. इसके साथ ही उसने अवैध रूप से गैस और बिजली कनेक्शन हासिल कर लिया है.
Merely relying on certain identity documents such as #Aadhaar, PAN, or Voter ID, without verification of the process through which these were obtained, cannot be treated as sufficient proof of lawful #citizenship, held Bombay HC.
— Live Law (@LiveLawIndia) August 12, 2025
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कोर्ट ने आधार, पैन और वोटर कार्ड को लेकर किया स्पष्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आधार, पैन और वोटर कार्ड को लेकर स्पष्ट किया. जज ने नागरिकता अधिनियम 1955 का हवाला देते हुए कहा, “संसद द्वारा लागू यह अधिनियम भारतीयों की राष्ट्रीयता तय करने के लिए मुख्य कानून है. जज ने कहा, यह कानून निर्धारित करता है कि कौन भारतीय नागरिक हो सकता है और कैसे प्राप्त की जा सकती है. किन परिस्थितयों में नागरिकता समाप्त होती है.”
आधार, पैन और वोटर कार्ड होना किसी को भारत का नागरिक नहीं बनाता : कोर्ट
कोर्ट ने कहा, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी होना, किसी को भारतीय नागरिक नहीं बनाता है. ये दस्तावेज पहचान और सेवाओं का लाभ लेने के लिए हैं. कोर्ट ने कहा, “केवल आधार, पैन या वोटर आईडी जैसे कुछ पहचान दस्तावेजों के अस्तित्व पर निर्भर रहना, जिस प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें प्राप्त किया गया था, उसके सत्यापन के बिना, इस स्तर पर वैध नागरिकता के पर्याप्त प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता है, खासकर जब ऐसे दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांच के दायरे में हो. “
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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