दिल्ली MCD चुनाव : अरविंद केजरीवाल को अपनों से ही मिल रही है चुनौती, अटका रहे हैं राह में रोडे

Updated:
विज्ञापन

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब और गोवा में करारी हार ने दिल्ली नगर निगम के चुनाव में उसके लिये चुनौती बढ़ा दी है. आगामी 23 अप्रैल को होने वाले नगर निगम चुनाव में आप को विरोधी दलों की चुनौती तो मिल ही रही है, साथ में कभी अपने रहे उन नाराज […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब और गोवा में करारी हार ने दिल्ली नगर निगम के चुनाव में उसके लिये चुनौती बढ़ा दी है. आगामी 23 अप्रैल को होने वाले नगर निगम चुनाव में आप को विरोधी दलों की चुनौती तो मिल ही रही है, साथ में कभी अपने रहे उन नाराज गुटों से भी निपटना पड़ रहा है जो या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या भीतर ही रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

एक तरफ आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से आप के चंदे का पिछले एक साल से हिसाब मांग रहे पार्टी के पूर्व नेता मुनीष रायजादा सत्याग्रह के नाम पर मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं, वहीं आप से अलग पार्टी ‘‘स्वराज इंडिया” बनाने वाले यागेन्द्र यादव सभी 272 वार्ड में अपने उम्मीदवार उतार कर आप की राह में रोडे अटका रहे हैं. इससे इतर आप के लगभग आधा दर्जन नाराज विधायक भी पार्टी के भीतर रह कर आप के नुकसान को बढ़ाने में लगे हैं. इनमें मंत्री पद से हटाये गये असीम अहमद, संदीप कुमार और जितेन्द्र सिंह तोमर के अलावा स्वराज इंडिया खेमे का साथ दे रहे विधायक पंकज पुष्कर और कर्नल देवेन्द्र सहरावत शामिल हैं.

पंजाब चुनाव में आप के खिलाफ सघन अभियान चला कर खासा नुकसान पहुंचाने वाले डा. रायजादा ने बताया कि उनका मकसद आप को चुनावी नुकसान पहुंचाना नहीं है. बल्कि भ्रष्टाचार विरोध के मूल मकसद से भटक चुकी पार्टी को सही राह पर लाना है. उन्होंने माना कि चुनाव दर चुनाव वह केजरीवाल से चंदे का हिसाब मांग कर दबाव बनाने की रणनीति जरुर अपना रहे हैं लेकिन यह भी सही है कि मूल सिद्धांतों से भटक चुकी पार्टी से असंतुष्टों का आंकड़ा पंजाब के बाद तेजी से बढ़ा है. इनमें से अधिकतर असंतुष्ट निगम चुनाव में टिकट के दावेदार हैं जिनका दावा टिकट के खरीददारों के कारण खारिज हो गया.
केजरीवाल हालांकि आप को मिल रहे चंदे की पारदर्शिता को संदेह से परे बताते हुए कह चुके हैं कि एक एक पैसे का हिसाब पार्टी की वेबसाइट पर चस्पा है. असंतुष्ट गुटों से पार्टी को चुनाव में संभावित नुकसान के सवाल पर उनकी दलील है हर सीट पर टिकट सिर्फ एक व्यक्ति को मिल सकता है. ऐसे में कुछ दावेदारों का नाराज होना सामान्य बात है. अपनों के वार झेल रही आप को घेरने में मुख्य विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस भी पीछे नहीं हैं और इन दलों ने भी उस पर सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता चतर सिंह का कहना है कि दिल्ली में जनता आप की हकीकत जान चुकी है. खासकर पंजाब चुनाव परिणाम ने स्थिति को बिल्कुल साफ कर दिया है. भाजपा की युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव ने भी कहा कि चंदे की पारदर्शिता को लेकर आप के असंतुष्ट गुटों के सवाल जायज हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल की मंशा शुरू से ही संदिग्ध है. अब उनके अपने ही उन पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में केजरीवाल की कथनी और करनी में भेद को लेकर जनता में भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रह गयी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola