अन्नाद्रमुक का ''दंगल'' : राज्यपाल ने केंद्र-राष्ट्रपति को भेजी रिपोर्ट, अब दिल्ली में होगा फैसला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Feb 2017 8:04 AM
चेन्नई : तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के भीतर बढ़ती आंतरिक कलह के बीच गुरुवार को पार्टी महासचिव वीके शशिकला ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. राव से कार्यकारी मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम की भेंट के करीब दो घंटे बाद शशिकला ने उनसे मुलाकात की और उन्हें एक पत्र […]
चेन्नई : तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के भीतर बढ़ती आंतरिक कलह के बीच गुरुवार को पार्टी महासचिव वीके शशिकला ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. राव से कार्यकारी मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम की भेंट के करीब दो घंटे बाद शशिकला ने उनसे मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा. माना जाता है कि इस पत्र में उन विधायकों के नाम हैं, जिन्होंने उन्हें अन्नाद्रमुक विधायक दल का नेता चुना.
शशिकला ने राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने का न्योता देने का अनुरोध किया. हालांकि, राज्यपाल का जवाब का फिलहाल पता नहीं चल पाया. इससे पहले, पन्नीरसेल्वम ने राज्यपाल से मुलाकात कर एक पिटीशन सौंपा, जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे दबाव में उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने ग्रीनवे रोड सरकारी निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक की. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला पर हमला तेज करते हुए कहा कि ‘वेदा निलयम’ पोएस गार्डेन निवास से जयललिता ने जिन लोगों को 2011 में निष्कासित कर दिया था, उन्हें शामिल कर शशिकला ने अम्मा के साथ विश्वासघात किया. जयललिता के निवास, जहां अब शशिकला रह रहीं हैं, को स्मारक घोषित किया जाना चाहिए. उनकी निजी सामान कि सुरक्षा की जानी चाहिए.
इधर, अन्नाद्रमुक के प्रिसिडियम अध्यक्ष इ मदुसूदनन पनीरसेल्वम के खेमे में आ गये हैं. मदुसूदनन ने कहा कि अन्नाद्रमुक की रक्षा करने के लिए हर किसी को ओपीएस के साथ आना चाहिए. वह नहीं चाहते हैं कि पार्टी एक परिवार के हाथों में जाये. मुख्य सचिव और डीजीपी टीके राजेंद्रन ने भी पनीरसेलवम से मुलाकात की.
राज्यपाल ने गुरुवार को दोनों नेताओं से मुलाकात की है और रिपोर्ट केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को भेज दी है. इसका मतलब साफ है कि तमिलनाडु का फैसला अब दिल्ली में होगा.
सरकार ने कोर्ट को बताया, विधायक कैद में नहीं
मद्रास हाइकोर्ट ने सत्ताधारी पार्टी के 130 विधायकों को कथित कैद में रखने को लेकर दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई करने से गुरुवार को इनकार कर दिया. इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने कहा कि ये विधायक कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र हैं और वे विधायक निवास में ही हैं. जस्टिस एम जयचंद्रन और जस्टिस टी मातिवानन की पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया, क्योंकि सरकार ने सूचित किया कि अन्नाद्रमुक विधायक मंडल की बैठक में शामिल हुए विधायक इस समय विधायक निवास में रह रहे हैं.
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