ePaper

आंध्र प्रदेश में चोरों ने किआ के 900 इंजनों पर किया हाथ साफ, जांच में जुटी पुलिस

Updated at : 17 Apr 2025 9:07 PM (IST)
विज्ञापन
Kia Engines Stolen

Kia Engines Stolen in Andhra Pradesh

Kia Engines Stolen: किआ के पेनुकोंडा प्लांट से पिछले पांच वर्षों में 900 इंजन चोरी होने का मामला सामने आया है. पुलिस को शक है कि यह चोरी अंदर के लोगों द्वारा की गई है. जांच पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों पर केंद्रित है. कंपनी ने मार्च 2025 में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने विशेष टीमें बनाकर जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

Kia Engines Stolen: आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले में स्थित किआ मोटर्स के पेनुकोंडा संयंत्र से पिछले पांच वर्षों में कथित तौर पर 900 कार इंजन चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दक्षिण कोरियाई ऑटोमोाइल निर्माता कंपनी किआ ने इस संबंध में 19 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस को शक है कि यह चोरी किसी बाहरी गिरोह द्वारा नहीं, बल्कि कंपनी के भीतर मौजूद लोगों की मिलीभगत से हुई है.

पांच साल से हो रही इंजनों की चोरी

पेनुकोंडा उप-विभागीय पुलिस अधिकारी वाई वेंकटेश्वरलू ने जानकारी दी कि यह चोरी वर्ष 2020 से शुरू हुई और लगातार पांच वर्षों तक जारी रही. शुरुआती जांच में 900 इंजन चोरी होने की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि ये इंजन प्लांट परिसर के अंदर से और निर्माण संयंत्र के रास्ते से गायब किए गए.

बाहरी लोगों की करतूत नहीं : पुलिस

वेंकटेश्वरलू ने कहा, “यह बाहरी लोगों की करतूत नहीं लगती. ऐसा लगता है कि यह पूरी तरह से अंदर के लोगों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया है. प्लांट से कोई भी हिस्सा प्रबंधन की जानकारी के बिना बाहर नहीं ले जाया जा सकता.” इस आधार पर पुलिस की जांच अब कंपनी के पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों पर फोकस है.

पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ जारी

उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान कुछ खामियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अब कुछ पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है. हालांकि, पुलिस का यह भी मानना है कि वर्तमान कर्मचारी भी इस साजिश में शामिल हो सकते हैं. इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं, जो अब तक कई जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज़ इकट्ठा कर चुकी हैं.

इसे भी पढ़ें: SIP: एसआईपी के 25x12x15 फॉर्मूले से आप भी बन सकते हैं करोड़पति, ऐसे समझिए इसका जादू

कंपनी की ओर से आधिकारिक बयान नहीं

इस पूरे घटनाक्रम पर कंपनी के किसी अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है. साथ ही, मीडिया द्वारा भेजे गए ईमेल से पूछे गए सवालों का भी कंपनी ने उत्तर नहीं दिया, जिनमें यह पूछा गया था कि पांच साल तक चोरी की जानकारी कैसे नहीं मिली. इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली क्या थी और चोरी हुए इंजनों का कुल मूल्य कितना था. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई खुलासे होने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें: IPL में बिना मैच खेले भी मिलती है खिलाड़ियों को सैलरी? क्या कहते हैं BCCI के नियम

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola