8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन को केंद्र की मंजूरी, केंद्रीय कैबिनेट से दो बड़े फैसलों को हरी झंडी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 28 Oct 2025 3:46 PM
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
8th Pay Commission:केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को अपनी मंजूरी दे दी है. मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी.
8th Pay Commission: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की कार्य-अवधि को मंजूरी दे दी है. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और बताया, “8वें केंद्रीय वेतन आयोग की संरचना, कार्य-अवधि और समय-सीमा को प्रधानमंत्री द्वारा मंजूरी दे दी गई है. यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है. आयोग की सिफारिशें रक्षा सेवा कर्मियों सहित लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को कवर करेंगी.”
8वें वेतन आयोग में एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव होंगे
आठवां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय के रूप में कार्य करेगा जिसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे. आयोग को अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है और यदि आवश्यक हो, तो वह विशिष्ट मामलों पर अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकता है. अपनी सिफारिशें तैयार करते समय आयोग देश में मौजूदा आर्थिक स्थितियों और राजकोषीय विवेक की आवश्यकता को ध्यान में रखेगा.
18 महीनों के भीतर आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी हाल ही में जनवरी में दी गई थी और बहुत कम समय में ही आयोग का औपचारिक रूप से गठन कर दिया गया है. यह एक बड़ा कदम है जिसके लिए व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है. रक्षा, गृह, रेलवे और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) जैसे कई मंत्रालय, जिनमें बड़ी संख्या में केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, इस प्रक्रिया का हिस्सा थे.” उन्होंने आगे कहा, “केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारी हैं और कई राज्य सरकारों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया, जिनमें से अधिकांश ने अपना सहयोग दिया. 8वें वेतन आयोग द्वारा 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है.”
हर 10 साल के अंतराल पर वेतन आयोगों की सिफारिशें लागू की जाती हैं
केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन समय-समय पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्ति लाभों और सेवा शर्तों से संबंधित मुद्दों की जांच करने और आवश्यक बदलावों की सिफारिश करने के लिए किया जाता है. आमतौर पर वेतन आयोगों की सिफारिशें हर दस साल के अंतराल पर लागू की जाती हैं.
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की गईं
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की गईं, हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जून, 2016 को इसके कार्यान्वयन को मंजूरी दी. इस प्रवृत्ति के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 01.01.2026 से अपेक्षित होगा.
किसानों को खाद पर 38 हजार करोड़ की सब्सिडी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को चालू 2025-26 रबी सत्र के लिए फॉस्फोरस और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 37,952 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दे दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने चालू रबी सत्र के लिए नाइट्रोजन (एन) के लिए 43.02 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फोरस (पी) के लिए 47.96 रुपये प्रति किलोग्राम, पोटाश (के) के लिए 2.38 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर (एस) के लिए 2.87 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर को मंजूरी दी.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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