सर्वदलीय बैठक में उठी नोटबंदी और जम्मू कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की मांग : सुमित्रा महाजन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : संसद सत्र की शुरुआत 16 नवंबर से हो रही है.लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सर्वदलीय बैठक बुलायी. बैठक के बाद उन्होंने जानकारी दी कि सभी पार्टियों ने नोटबंदी, जम्मू कश्मीर पर चर्चा की मांग की है. उनका कहना है कि इन पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए. सदन का सत्र 16 तारीख को शुरू हो रहा है.

सदन में सरकार कई मुद्दों पर घिरेगी.विपक्ष नोटबंदी पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे है. मुख्य विपक्षी दलों ने मिलकर बैठक में चर्चा की कि कैसे सरकार को घेरना है. नोटबंदी के फैसले पर विपक्ष एकजुट है.

खबर है कि विपक्षी दल कल फिर बैठक में सरकार को घेरने पर चर्चा करेंगे. दूसरी तरफ भाजपा संसदीय दल की बैठक में विपक्ष के सवालों पर तैयारी के साथ जवाब देने का फैसला लिया गया. एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने सरकार के फैसले का साथ दिया है.

वेंकैया नायडू ने कहा, विपक्ष के आरोप निराधार हैं हम उन्हें सही समय पर सारे सवालों का जवाब देंगे इस पर दोबारा सोचने का सवाल ही नहीं उठता. देश का मिजाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के साथ है. यह कुछ देर के लिए तकलीफदेह है लेकिन लंबे वक्त में इस फैसले का लाभ मिलेगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, हमारे पास बहुत सारे मुद्दे हैं. कश्मीर का मुद्दा है सबसे बड़ा नोटबंदी का मुद्दा है लोगों को बहुत परेशानी हो रही है. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेनियल ब्रायन ने कहा, हमारी कोशिश है कि हम राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकें जब भी हमें समय मिलेगा हम अपनी बात उनके सामने रखेंगे. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन और सदन की कार्रवाई ठप करने की योजना बना रहा है तो सरकार भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए बैठक में रणनीति बना रही है.
नोटबंदी को लेकर कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने नोटबंदी के बाद आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर सवाल खड़े किये तो भाजपा ने भी इन सवालों का जवाब विरोधी पार्टियों पर हमले के साथ देने की कोशिश की. प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठकर अब मामला संसद में गुंजेंगा दोनों की तरफ बैठकों का दौर जारी है. तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 13 व राज्यसभा में 12 सांसद हैं. इस मुद्दे पर उसे वाम दलों का समर्थन मिलता दिख रहा है. सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व बसपा प्रमुख मायावती पहले ही सरकार के इस फैसले पर असहमति जता चुके हैं.
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