VIDEO: निर्भया गैंगरेप के दोषी ने की खुदकुशी की कोशिश, वकील ने बताया साजिश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Aug 2016 12:17 PM
नयी दिल्ली : निर्भया गैंगरेप केस के दोषी विनय शर्मा ने बीती रात तिहाड़ जेल में खुदकुशी की कोशिश की. प्राप्त जानकारी के अनुसार विनय ने पहले कुछ दवाएं खाई और फिर कपड़े को गले में बांधकर फांसी लगाने की कोशिश की. इस मामले को विनय शर्मा के वकील ने गंभीर बताते हुए कहा है […]
नयी दिल्ली : निर्भया गैंगरेप केस के दोषी विनय शर्मा ने बीती रात तिहाड़ जेल में खुदकुशी की कोशिश की. प्राप्त जानकारी के अनुसार विनय ने पहले कुछ दवाएं खाई और फिर कपड़े को गले में बांधकर फांसी लगाने की कोशिश की. इस मामले को विनय शर्मा के वकील ने गंभीर बताते हुए कहा है कि जेल अधिकारी उसकी हत्या की कोशिश को खुदकुशी की कोशिश बता रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘जो व्यक्ति ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है, हर परीक्षा में सफल होता आ रहा है इतना ही नहीं जेल में रहते हुए भी जो बहन की शादी करने की योजना बना रहा है, वह खुदकुशी कैसे कर सकता है.’
विनय के वकील ने कहा कि मैंने उससे पिछले शुक्रवार ही मुलाकात की थी लेकिन उसके अंदर ऐसी नकारात्मकता दिखाई नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि विनय दीनदयाल अस्पताल में भर्ती है और मैं उससे मुलाकात करने जा रहा हूं.
दिल्ली में 16 दिसंबर, 2013 को हुए सामूहिक बलात्कार मामले के चार आरोपियों में से एक विनय शर्मा ने तिहाड जेल में कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की. मामले के चार आरोपियों को मौत की सजा मिली है. जेल अधिकारियों ने बताया कि शर्मा कल रात करीब साढे नौ बजे जेल की कोठरी में फांसी लगाने की कोशिश कर रहा था तभी तमिलनाडु के विशेष पुलिस जवान ने उसे रोक दिया. बाद में उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बतायी जा रही है.
जेल के सूत्रों ने बताया कि आत्महत्या का प्रयास करने से पहले उसने भारी मात्रा में अवसाद मिटाने वालीगोलियां खायी थीं. शर्मा अवसादग्रस्त था इसलिए उसे दवाईयां दी जा रही थीं. 16 दिसंबर 2012 को दक्षिण दिल्ली में छह लोगों ने चलती बस में एक 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा के साथ बर्बरता से सामूहिक बलात्कार किया था. बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में युवती की मौत हो गयी थी.
सामूहिक बलात्कार के चार दोषियों-अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा, मुकेश सिंह और पवन गुप्ता को मौत की सजा मिली थी. इस मामले का मुख्य आरोपी राम सिंह मार्च 2013 को तिहाड जेल के अपने कमरे में मरा हुआ पाया गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गयी थी. इस मामले के नाबालिग दोषी को तीन साल के लिए सुधार गृह में रहने की सजा दी गयी थी। पिछले साल दिसंबर में उसे सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था.
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