पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों के कामकाज का लिया जायजा, अब किसपर गिरेगी गाज ?
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jul 2016 8:26 AM
नयी दिल्ली : आगामी 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में नए चेहरों को लाने और कुछ जूनियर मंत्रियों की तरक्की करने का मन बना रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार को पीएम मोदी ने विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की. इस दौरान […]
नयी दिल्ली : आगामी 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में नए चेहरों को लाने और कुछ जूनियर मंत्रियों की तरक्की करने का मन बना रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार को पीएम मोदी ने विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अपने मंत्रियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ जनता के बीच पहुंचे. प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ चार घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक के दौरान सभी केंद्रीय मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा की, ताकि यह पता चल सके कि क्या बजटीय आवंटन को सही ढंग से खर्च किया जा रहा है.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि योजनाओं को इस तरह से तैयार किया जाए कि उसका फायदा जनता तक आसानी से पहुंच सके. इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए कहा कि नई योजनाएं लाने की जरूरत फिलहाल नहीं है, बल्कि मौजूदा योजनाओं में ही जरूरत के मुताबिक बदलाव किया जाना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा है कि चुनाव घोषणापत्र में जिन योजनाओं का जिक्र किया गया है, उन्हें सही भावना के साथ लागू किया जाना चाहिए, ताकि विपक्ष को सरकार पर वायदे पूरा नहीं कर पाने का आरोप लगाने का कोई भी मौका न मिल सके. सरकारी सूत्रों के अनुसार खबर यह भी है कि कैबिनेट विस्तार से पहले पीएम नरेंद्र मोदी मंत्रियों के साथ बैठक की. इससे पूर्व बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच इस मामले को लेकर 5 घंटे बैठक चली.
दो साल बाद दूसरी बार कैबिनेट विस्तार
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दो साल बाद दूसरी बार कैबिनेट विस्तार करने जा रही है. समझा जाता है कि शाह ने पीएम को कैबिनेट विस्तार के मद्देनजर उत्तर प्रदेश से सम्बंधित फीडबैक दिया, जिसके आधार पर वहां के चेहरों को कैबिनेट में लिया जायेगा. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी विधानसभा चुनाव सबसे अहम है, जिसे बीजेपी हर हाल में जितना चाहती है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के जातीय, छेत्रीय समीकरण के आधार पर वहां के कई चेहरे को उसमें शामिल किया जायेगा, इसमें कई ऐसे मंत्रियों को अहम जिम्मेदारी दी जाने की संभावना है जिन्होंने कम समय में अच्छा काम किया है. इसके अलावा कुछ ऐसे नेताओं की छुट्टी भी की जायेगी जिनका प्रदर्शन सामान्य रहा.
पीयूष गोयल की हो सकती है तरक्की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कैबिनेट विस्तार व फेरबदल में काम करने वालों को जहां पुरस्कृत करेंगे, वहीं बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वालों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है. चर्चा है कि बिजली मंत्री पीयूष गोयल व संसदीय कार्य व अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का प्रमोशन होगा और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जायेगा. स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री के पद पर रहते हुए पीयूष गोयल ने जहा ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त सुधारवादी कदम उठाये हैं, वहीं संसदीय कार्य राज्य मंत्री के रूप में नकवी ने सदन के अंदर व बाहर अहम भूमिका निभाई है.
नए चेहरों को मिल सकती है जगह, कुछ पर गिरेगी गाज
एक निजी समाचार चैनल के अनुसार इस बार मंत्रिमंडल में कई नये चेहरों को शामिल किया जा सकता है. इस बार ओम माथुर, विनय सहस्त्रबुधे, श्याम चरण गुप्ता जैसे लोगों का नाम मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. वहीं दूसरी ओर खबर है कि बिहार से भाजपा सांसद और लघु उद्योग राज्य मंत्री गिरिराज सिंह की कुर्सी जा सकती है. गिरिराज के साथ निहालचंद जिन पर रेप का आरोप है और नजमा हेपदुल्ला जो अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री हैं उनकी कुर्सी जा सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार के कैबिनेट विस्तार में 21 नए चेहरों को शामिल किया गया था जिसमें 4 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री और 3 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल थे.
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