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अरुणाचल भूस्खलन में 16 मजदूरों की मौत

Updated at : 22 Apr 2016 12:12 PM (IST)
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अरुणाचल भूस्खलन में 16 मजदूरों की मौत

इटानगर : अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मजदूरों के एक शिविर के मूसलाधार बारिश की वजह से हुए जबर्दस्त भूस्खलन की चपेट में आने से आज कम से कम 16 व्यक्तियों की मौत हो गई. पुलिस अधीक्षक (एसपी) एंटो अलफोंसे ने बताया कि तवांग कस्बे से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित फामला […]

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इटानगर : अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मजदूरों के एक शिविर के मूसलाधार बारिश की वजह से हुए जबर्दस्त भूस्खलन की चपेट में आने से आज कम से कम 16 व्यक्तियों की मौत हो गई. पुलिस अधीक्षक (एसपी) एंटो अलफोंसे ने बताया कि तवांग कस्बे से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित फामला गांव में यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई. उस वक्त एक निर्माण कार्य में कार्यरत 19 मजदूर अपने शिविर में मौजूद थे.

एसपी ने बताया, ‘‘अब तक मलबे से 16 शवों को निकाला गया है, जबकि गंभीर रुप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए पडोसी राज्य असम के तेजपुर भेजा गया है.” उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण सीमाई जिले के कई जगहों पर भूस्खलन हुआ.

उन्होंने बताया कि सेना, प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान में ये सभी शव बरामद किए गए. भूस्खलन के कारण न्यू लेरांग और गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल के बीच निर्मित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क भी बाधित हो गई है, जबकि इलाके की कई आवासीय इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है.

भूस्खल में लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है. अपने एक संदेश में प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी भूस्खलन के कारण लोगों की मौत पर दुख एवं शोक प्रकट किया है और कांग्रेस विधायकों, प्रदेश कांग्रेस कमिटी और पार्टी से संबद्व संगठनों से राहत कार्य में मदद करने को कहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुए भूस्खलन में 16 लोगों की मौत की घटना पर दुख जताया है.

रिपोर्टों के मुताबिक मारे गए लोग मजदूर थे जो पड़ोसी राज्यों से यहां काम करने आए हुए थे. ये मजदूर एक फाइव स्टार होटल की कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे. वहीं तवांग के अलग-अलग हिस्सों से बारिश के कारण भूस्खलन की खबरें भी हैं. कई जगहों पर बिजली के खम्भों को नुकसान पहुंचा है साथ ही पानी की आपूर्ति बाधित हुई.

अतिरिक्त उपायुक्त (मुख्यालय) लोड गमबो ने बताया कि तडके तीन बजे यह घटना उस समय हुयी जब 17 श्रमिक शिविर के भीतर निर्माण कार्य में लगे हुये थे. यह स्थान तवांग शहर से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. गमबो ने बताया, ‘‘अभी तक मलबे से नौ शवों को निकाला गया है और आठ लापता श्रमिकों की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि सीमावर्ती जिले के कई स्थानों पर पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है. गमबो ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और मलबे को हटाने के लिए दो जेसीबी को काम पर लगाया गया है.

भूस्खलन के कारण न्यू लेबरांग और सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बीच पीडब्ल्यू रोड भी अवरुद्ध है. इलाके की रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी खबरें हैं. जिले में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है जिसके कारण बाढ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और इससे जल विद्युत परियोजना किटपी के चरण एक और चरण दो को भारी नुकसान पहुंचा है.

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका और नुकसान के कारण दोनों बिजली स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. हालात को गंभीरता से लेते हुये डीसी डुली कमदुक ने संबंधित विभाग को आकलन और कार्रवाई के बारे में विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है.

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