पाक की ''नापाक'' हरकत, किरपाल सिंह के शव से निकाल लिया ''हृदय और लीवर''

Updated at : 20 Apr 2016 10:34 AM (IST)
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पाक की ''नापाक'' हरकत, किरपाल सिंह के शव से निकाल लिया ''हृदय और लीवर''

गुरदासपुर : पाकिस्तान की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए भारतीय कैदी किरपाल सिंह का शव बुधवार को उनके पैतृक स्थल मुस्तफाबाद लाया गया. उनके पार्थिव शरीर के यहां पहुंचने पर पूरामाहौल शांत हो गया और चारों ओर मातम पसर गया. आपको बता दें कि किरपाल सिंह का परिवार पंजाब में गुरदासपुर के […]

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गुरदासपुर : पाकिस्तान की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए भारतीय कैदी किरपाल सिंह का शव बुधवार को उनके पैतृक स्थल मुस्तफाबाद लाया गया. उनके पार्थिव शरीर के यहां पहुंचने पर पूरामाहौल शांत हो गया और चारों ओर मातम पसर गया. आपको बता दें कि किरपाल सिंह का परिवार पंजाब में गुरदासपुर के मुस्तफाबाद में रहता है.

किरपाल का अंतिम संस्कार आज यहां किया जाएगा. इस मामले में किरपाल सिंह के भतीजे ने कहा कि उनके चाचा और सरबजीत दोनों ही पाकिस्तान की साजिश के तहत मारे गए हैं. गौरतलब है किे मंगलवार को किरपाल सिंह का शव अटारी सीमा पर लाया गया. शव को भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया जिसमें से हृदय और लीवर जैसे अंग गायब थे.

पाक का घृणित कृत्य
सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा कि मुझे ऐसी आशंका थी कि पाकिस्तान किरपाल सिंह के शव से दिल निकाल सकता है और हुआ भी यही. उन्होंने कहा कि मेरे भाई के साथ भी ऐसा ही किया गया था. दोनों को जहर देकर मारा गया है. दिल निकाल देने के बाद जहर देकर मारे जाने की पुष्‍टि नहीं हो पाएगी. वहीं जानकारों की माने तो किरपाल सिंह की मौत हृदयगति रुकने से नहीं हुई है. पाकिस्तान ने अपना झूठ छुपाने के लिए इस तरह का घृणित कृत्य किया है.

मंगलवार स्वदेश पहुंचा किरपाल सिंह का शव
संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए भारतीय कैदी किरपाल सिंह का शव मंगलवार को उनके परिजन की मौजूदगी में स्वदेश पहुंचा और भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया. किरपाल की बहन जागीर कौर सहित उनके परिजन, पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रानिके और अमृतसर के उपायुक्त वरुण रुजम के अलावा कई अन्य आला अधिकारी शव प्राप्त करने के लिए वाघा सीमा की संयुक्त जांच चौकी पर मौजूद थे. एक अन्य भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर भी वहां मौजूद थीं. उल्लेखनीय है कि मई 2013 में सरबजीत की मृत्यु पाकिस्तान के ही एक जेल में हुई थी.

क्या है मामला
किरपाल सिंह कथित तौर पर 1992 में वाघा सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे और वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सीरियल बम धमाकों के एक मामले में किरपाल को मौत की सजा सुनाई गई थी. खबरों के मुताबिक, गुरदासपुर के रहने वाले किरपाल को बम धमाकों के मामले में लाहौर हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था लेकिन अज्ञात कारणों से उनकी मौत की सजा माफ नहीं कराई जा सकी थी. पिछले दिनों जेल में किरपाल सिंह का शव मिला जिसके बाद पाकिस्तान की ओर से कहा गया की उसकी मौत हृदयगति रुकने के कारण हुई.

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