आतंकी अफजल गुरु का बेटा दसवीं की टॉपर लिस्ट में

जम्मू कश्मीर : संसद भवन पर आतंकी हमले का मुख्य मास्टरमाइंड अफजल गुरु का बेटा गालिब अफजल 10वीं की परीक्षा में टॉपरों में शामिल हुआ है. अफजल गुरु का बेटा गालिब अफजल का नाम जम्मू-कश्मीर बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वालों में शामिल हो गया है. गालिब […]
जम्मू कश्मीर : संसद भवन पर आतंकी हमले का मुख्य मास्टरमाइंड अफजल गुरु का बेटा गालिब अफजल 10वीं की परीक्षा में टॉपरों में शामिल हुआ है. अफजल गुरु का बेटा गालिब अफजल का नाम जम्मू-कश्मीर बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वालों में शामिल हो गया है. गालिब ने बोर्ड की ओर से रविवार को जारी किए गए दसवीं के नतीजों में 94.5 प्रतिशत अंक हासिल किये हैं. गालिब अफजल को सभी विषयों में ए वन ग्रेड मिला है. गालिब ने अंग्रेजी, गणित, सोशल साइंस, साइंस और उर्दू से परीक्षा दी थी.
इन सभी विषयों में गालिब ने 10 में से 10 ग्रेड हासिल की. इस साल बोर्ड की परीक्षा का टॉपर ताबिश मंजूर रहा. ताबिश ने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं. परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से ही गालिब सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है. नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी गालिब को उसकी इस कामयाबी पर बधाई दी है. रेडियंट पब्लिक स्कूल अनंतनाग के ताबिश मंजूर ने 10वीं में 500 अंकों में 496 अंक हासिल किये इस परीक्षा में दूसरा और तीसरे स्थान पर लड़कियों ने कब्जा जमाया.
हालांकि इस बात का पता नहीं चल पाया कि गालिब टॉपरों की सूचि में कौन से स्थान पर रहा. गौरतलब है के 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद पकड़े गये जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में 9 फरवरी 2013 को फांसी दे दी गयी. फांसी के पांच दिन पूर्व ही राष्ट्रपति डा. प्रणब मुखर्जी ने अफजल की दया याचिका को खारिज कर दिया था.
डॉक्टर बनना चाहता है गालिब
अफजल गुरु के बेटे गालिब अफजल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहता है और लोगों की खिदमद करना चाहता है. अपना दर्द बयां करते हुए गालिब ने बताया कि वह जब छोटा था तब बाकी बच्चों की तरह खिलौनो से नहीं खेल पाया, बल्कि टेंशन से खेला. गालिब ने कहा कि जब उसे पता चला कि उसके पिता संसद पर हमले के दोषी हैं तो उसे समझ नहीं आ रहा था कि जब कोई हमला करेगा तो वह जिंदा कैसेट बचेगा. इसके बाद उसे बाद में समझ आया कि साजिश करने के आरोप में उसके पिता जेल में हैं. पिता की फांसी की खबर के बाद मन काफी अशांत हो गया. तब मां ने कुरान पढ़ने की सलाह दी. मां ने कहा कि कुरान पढ़ने से मन को शांति मिलेगी. गालिब ने कहा कि अपने आप को पहचानुंगा तो रब को पहचानुंगा.
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