गुरदासपुर एसपी से दिल्ली में होगी पूछताछ, झूठ पकड़ने वाली मशीन का भी होगा इस्तेमाल

Updated at : 08 Jan 2016 6:10 PM (IST)
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गुरदासपुर एसपी से दिल्ली में होगी पूछताछ, झूठ पकड़ने वाली मशीन का भी होगा इस्तेमाल

पठानकोट : एयरबेस पर किये गये आतंकी हमले के पहले गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह से एनआईए समेत पंजाब पुलिस ने भी पूछताछ की लेकिन एसपी से मिले जवाब से जांच एजेंसी संतुष्ठ नहीं है. अब उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जायेगा जहां उनसे एक बार फिर पूछताछ की जायेगी. इतना ही नहीं पूछताछ […]

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पठानकोट : एयरबेस पर किये गये आतंकी हमले के पहले गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह से एनआईए समेत पंजाब पुलिस ने भी पूछताछ की लेकिन एसपी से मिले जवाब से जांच एजेंसी संतुष्ठ नहीं है. अब उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जायेगा जहां उनसे एक बार फिर पूछताछ की जायेगी.

इतना ही नहीं पूछताछ के दौरान झूठ पकड़ने वाली मशील का भी इस्तेमाल किया जायेगा. इससे पहले गुरदासपुर के एसपी से पूछताछ के बाद उन्हें उन जगहों पर भी ले जाया गया जहां आतंकी उन्हें ले गये थे. सलविंदर सिंह से जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही पूछताछ यह इशारा करती है कि अभी भी जांच एजेंसियां उनके दिये गये बयान से संतुष्ठ नहीं है.

सलविंदर का दावा गलत ?
उल्लेखनीय है कि पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने गुरदासपुर के अगवा एसपी सलविंदर के उस दावे को खारिज किया है जिसमें उन्होंने समय रहते ही सारी जानकारी देने का दावा किया है. एसपी सलविंदर ने दावा किया है कि अगर अधिकारियों ने उनकी दी गयी सूचना पर कार्रवाई की होती तो पठानकोट आतंकी हमले को रोका जा सकता था.
गौरतलब है कि सबसे पहले आतंकियों ने सलविंदर सिंह को ही उनकी गाड़ी के साथ अगवा किया था. पठानकोट एयर फोर्स बेस पर हमले से ठीक पहले अगवा किए गए गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह, उनकी कार ड्राइव कर रहे राजेंदर वर्मा और कुक मदन गोपाल ने मीडिया के समक्ष जो बातें रखी वह सचमुच चौकाने वाला है. साथ ही यह बात भी असमंजस में डालने वाली है कि पुलिस को एक दिन पहले ही बेस पर होने वाले हमले की साजिश के बारे में आगाह कर दिया गया था लेकिन हमला रुक न सका.
एनआइए ने दर्ज किए तीन मामले
एनआइए ने पंजाब के पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले के पीछे की पूरी साजिश की जांच के लिए तीन मामले दर्ज किए और समझा जाता है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले को अंजाम दिया है. ये मामले शुरू में पठानकोट में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किए गये थे और बाद में उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए को सौंप दिया गया. एनआइए की स्थापना मुंबई आतंकवादी हमले के बाद देश के सभी आतंकवादी मामलों की जांच के लिए की गयी थी.
पहला मामला पुलिस अधीक्षक सलविंदर सिंह के अपहरण से संबंधित है जबकि दूसरा मामला टैक्सी ड्राइवर इकागर सिंह की हत्या से संबंधित है. दोनों मामले पठानकोट के नरोट जयमाल सिंह पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गये थे. तीसरा और मुख्य मामला पठानकोट के पुलिस स्टेशन डिविजन नंबर दो में दर्ज किया गया और यह पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले से संबंधित है.
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