निकाय चुनाव के परिणाम से कांग्रेस में उत्साह तो भाजपा कर रही है आत्ममंथन
Updated at : 07 Dec 2015 3:27 PM (IST)
विज्ञापन

अहमदाबाद : ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि इस प्रदर्शन को आगे भी जारी रखेगी ताकि वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा का राज्य में 20 साल का शासन खत्म किया जा सके. हाल के इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ […]
विज्ञापन
अहमदाबाद : ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि इस प्रदर्शन को आगे भी जारी रखेगी ताकि वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा का राज्य में 20 साल का शासन खत्म किया जा सके. हाल के इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा था और इनके परिणाम सत्तारुढ पार्टी को सतर्क करने वाले हैं.
स्थानीय निकायों के चुनावों के केवल तीन दिनों में राज्य की भाजपा सरकार ने एपीएमसी और किसान समूहों को रियायती दरों पर जमीन देने, किसानों के लिए नर्मदा का जल छोडने और पांच ग्रामीण इलाकों में फूड पार्क बनाने सहित कई किसान समर्थक घोषणाएं कीं. राज्य में भाजपा के मंत्री रमन वोरा ने बताया, ‘‘गुजरात के ग्रामीण इलाकों के परिणाम हमारे उम्मीदों के अनुरुप नहीं है. लेकिन 2017 के चुनाव से पहले अपने लोक समर्थक निर्णयों और विकास कार्यो से हम ग्रामीण इलाकों में जीत दर्ज करेंगे.”
20 सालों तक सत्ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस ने हाल ही में 31 जिला पंचायतों में से 21 और 230 तालुक पंचायतों में से 124 पर जीत दर्ज की है जबकि भाजपा ने सभी छह नगर निगमों पर नियंत्रण बरकरार रखा और 56 में से 40 नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की. बिहार में हार का सामना करने के बाद गुजरात में ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव में भाजपा को पराजय झेलनी पडी है. यह हार एक ऐसे समय पर हुई है जब राज्य में 12 साल तक शासन करने वाले नरेन्द्र मोदी को दिल्ली गए हुए एक साल से ज्यादा समय हो चुका है. जिला और तालुका पंचायतों में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस इस जीत को अगले विधानसभा चुनावों के जरिए सत्ता में लौटने के एक बडे अवसर के रुप में देख रही है.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, ‘‘2017 के चुनाव की दृष्टि से यह परिणाम काफी महत्वपूर्ण है.” कुछ जिलों में बाढ जैसे हालात के साथ-साथ कुछ इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण उपजे दो साल के कृषि संकट को और इसके प्रति राज्य सरकार के कथित उदासीन रवैये को ग्रामीण इलाकों में भाजपा के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण माना जा रहा है.
इस सबके अलावा, पटेल कोटा आंदोलन ने ग्रामीण इलाकों में भाजपा का जनाधार मिटा दिया, जिससे गुजरात के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस को एक बडी वापसी करने का मौका मिल गया. राज्य कांगे्रस इकाई के प्रमुख भरतसिंह सोलंकी ने बताया, ‘‘यह राज्य में भाजपा के पतन का संकेत है. हम 2017 में वापसी करेंगे. यह केवल सेमीफाइनल था.” इस बीच, राज्य में तीसरे विकल्प के रुप में उभरने का अवसर देखते हुये आम आदमी पार्टी ने गुजरात इकाई में फिर से जान फूंकने का फैसला किया है.पार्टी नेता संजय सिंह और आशुतोष ने कल यहां पर एक विश्वसनीय संगठन बनाने के लिए आप कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. सिंह ने कहा, ‘‘यहां पर बेहतर विकल्प की गैर मौजूदगी के कारण लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया.”
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




