व्यपामं मामले में कोर्ट ने सीबीआई को सारे एजेन्सी अपने हाथ में लेने का आदेश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Sep 2015 7:07 PM

विज्ञापन

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने व्यापमं घोटाले से संबंधित अदालतों में लंबित मुकदमों और जांच के अधीन मामलों के बीच विभेद करने का केंद्रीय जांच ब्यूरो का आग्रह ठुकरा दिया और जांच एजेन्सी से कहा कि वह व्यापम घोटाले के सारे मामले अपने हाथ में ले, भले ही वे किसी भी चरण में हों. प्रधान […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने व्यापमं घोटाले से संबंधित अदालतों में लंबित मुकदमों और जांच के अधीन मामलों के बीच विभेद करने का केंद्रीय जांच ब्यूरो का आग्रह ठुकरा दिया और जांच एजेन्सी से कहा कि वह व्यापम घोटाले के सारे मामले अपने हाथ में ले, भले ही वे किसी भी चरण में हों.

प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई की इस आशंका को दूर किया कि अदालतों में सुनवाई के चरण वाले मुकदमो को यदि उसने अपने हाथ में लिया तो शायद राज्य पुलिस का विशेष जांच दल और विशेष कार्य बल उसके साथ सहयोग नहीं करे. पीठ ने कहा, ‘‘मामला किसी भी चरण में हो, आपको (सीबीआई) सारे मामले अपने हाथ में लेने होंगे।’ पीठ ने कहा, ‘‘आप मामले अपने हाथ में लीजिये और विशेष जांच दल तथा विशेष कार्यबल आपके साथ सहयोग करेगा। हम उनसे सहयोग के लिये कहेंगे.’
सीबीआई की ओर से पेश सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि ब्यूरो को 72 मामले, जो सुनवाई के विभिन्न स्तरों पर हैं, अपने हाथ में लेने में कुछ दिक्कते हैं क्योंकि इनमे विशेष जांच दल एवं विशेष कार्यबल मुकदमा चला रहेे हैं और उनके जांच अधिकारी तथा वे सीबीआई के साथ शायद सहयोग नहीं करें.
कुमार की इस दलील को अस्वीकार करते हुये पीठ ने जांच एजेन्सी से कहा कि वह ऐसे सारे मामलों को तीन सप्ताह के भीतर अपने हाथ में ले. न्यायालय ने साथ ही विशेष जांच दल और विशेष कार्य बल को निर्देश दिया कि वह सीबीआई के साथ पूरा सहयोग करें.
न्यायालय ने जांच एजेन्सी को, जिसने व्यापमं घोटाले के मुकदमों के लिये अपने अभियोजक के रुप में 19 व्यक्तियों का चयन किया है, आदेश दिया कि शेष 29 अभियोजकों की नियुक्ति भी सुनवाई की अगली तारीख तक की जाये.
पीठ ने सीबीआई से कहा कि यदि उसे लगता है कि किसी मामले में और आगे जांच की आवश्यता है तो वह संबंधित निचली अदालत में इसके लिये आवेदन दायर करे.
सीबीआई में जांच अधिकारियों की कमी का मसला भी सुनवाई के दौरान उठा और पीठ ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि जांच एजेन्सी की मांग पूरी करने के लिये उठाये गये कदमों के विवरण के साथ एक रिपोर्ट पेश की जाये.
रोहतगी ने कहा कि वरिष्ठ पदों पर भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सीबीआई में आने के लिये तैयार हैं लेकिन असली दिक्कत तो इंसपेक्टर स्तर के अधिकारियों को लेकर है क्योंकि वे राज्य पुलिस को छोडकर सीबीआई में नहीं आना चाहते. अटार्नी जनरल ने कहा कि सीबीआई के लिये करीब नौ पद स्वीकृत किये गये हैं और जांच ब्यूरो में अधिकारियों की कमी दूर करने के लिये आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं.
न्यायालय कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह सहित कई व्यक्तियों द्वारा इस मामले को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई नौ अक्तूबर के लिये स्थगित कर दी. न्यायालय ने सीबीआई से कहा है कि वह सुनवाई की अगली तारीख से पहले प्रगति रिपोर्ट दाखिल करे.
शीर्ष अदालत ने कहा था कि सीबीआई को व्यापम मामले, जिनकी संख्या 185 से बढकर 212 हो गयी है, अपने हाथ में लेने होंगे, भले ही राज्य के विशेष जांच दल एवं विशेष कार्य बल ने 72 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिया हो.
इससे पहले सीबीआई में अधिकारियों की कमी के सवाल पर अटार्नी जनरल ने कहा था कि हालांकि जांच ब्यूरो का अपना काडर है लेकिन इसमें 50 फीसदी कार्मिक प्रतिनियुक्ति पर हैं और अब प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिकों की संख्या में कमी आ रही है.
अटार्नी जनरल ने कहा था कि पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से अनुरोध किया जायेगा कि वे राज्य काडर के दो सौ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर एजेन्सी के पास भेजे क्येांकि जांच ब्यूरो सारदा और व्यापम जैसे घोटालों की जांच में व्यस्त है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola