सडक हादसों में देश में रोज मारे जाते हैं 20 बच्चे
Updated at : 07 Aug 2015 3:40 PM (IST)
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नयी दिल्ली : देशभर में सडक हादसों में हर रोज 20 बच्चों के मारे जाने पर अफसोस जताते हुए एक भाजपा सदस्य ने आज लोकसभा में सडकों को बच्चों के लिहाज से सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक कानून बनाए जाने की मांग की. शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा सदस्य किरण खेर ने कहा […]
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नयी दिल्ली : देशभर में सडक हादसों में हर रोज 20 बच्चों के मारे जाने पर अफसोस जताते हुए एक भाजपा सदस्य ने आज लोकसभा में सडकों को बच्चों के लिहाज से सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक कानून बनाए जाने की मांग की. शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा सदस्य किरण खेर ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के वर्ष 2013 के आंकडें बताते हैं कि सडक हादसों में 7300 बच्चे मारे गए हैं.
उन्होंने कहा कि बच्चों की ये मौतें इस लिहाज से अधिक चिंताजनक हैं कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य सभी अपराधों के मुकाबले ये 300 फीसदी अधिक हैं.
इस मुद्दे पर व्यापक कानून की मांग करते हुए किरण खेर ने कहा कि बच्चों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट को अनिवार्य बनाने समेत सडकों को बच्चों के लिहाज से सुरक्षित बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा मापदंड लागू किए जाएं.
शिवसेना के श्रीरंग बार्ने ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पंढरपुर में साफ सफाई व्यवस्था की खराब हालत का मामला उठाया और कहा कि हर साल दो बार दस से 20 लाख श्रद्धालु वहां भगवान विट्ठल के दर्शनों को आते हैं.
भाजपा सदस्य लल्लू सिंह ने उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में ब्रिटिश काल में निर्मित हवाई पट्टी को कार्गो विमान तल में परिवर्तित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे आसपास के गोंडा, बहराइच, बस्ती तथा अन्य जिलों के किसानों को अपनी उपज बाहर भेजने में मदद मिलेगी.
इसी पार्टी के रमेश विधूडी ने दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में विस्तारित लाल डोरे की जमीन में ग्रामीणों को अपने मकान बनाने की अनुमति दिए जाने और इस मामले में केंद्र द्वारा सीधा हस्तक्षेप किए जाने की मांग की.
उन्होंने कहा कि लाल डोरे की जमीन में मकान बनाने पर जिला प्रशासन ग्रामीणों को उन्हें गिराने की धमकी देता है और इससे भ्रष्टाचार को बढावा मिलता है.
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