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ललित मोदी की मदद पर फंसीं सुषमा स्वराज, भाजपा व संघ का मिला साथ

Updated at : 15 Jun 2015 3:23 AM (IST)
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ललित मोदी की मदद पर फंसीं सुषमा स्वराज, भाजपा व संघ का मिला साथ

नयी दिल्ली : सट्टेबाजी और गबन के आरोपित पूर्व आइपीएल प्रमुख ललित मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करने को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज रविवार को एक बड़े विवाद में घिर गयीं. हालांकि, उन्हें अपनी सरकार, भाजपा और आरएसएस का तगड़ा समर्थन मिला, जिसने कथित ‘अनुचित कार्य’ के लिए उनके त्यागपत्र […]

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नयी दिल्ली : सट्टेबाजी और गबन के आरोपित पूर्व आइपीएल प्रमुख ललित मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करने को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज रविवार को एक बड़े विवाद में घिर गयीं. हालांकि, उन्हें अपनी सरकार, भाजपा और आरएसएस का तगड़ा समर्थन मिला, जिसने कथित ‘अनुचित कार्य’ के लिए उनके त्यागपत्र की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया.

विवाद उन इमेल के खुलासे से उत्पन्न हुआ, जिससे यह पता चला है कि सुषमा ने भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कीथ वाज और यहां ब्रिटेन के उच्चायुक्त जेम्स बीवन से बात करके ललित मोदी को पिछले वर्ष जून में कथित तौर पर उनकी पत्नी के कैंसर इलाज के लिए पुर्तगाल जाने के लिए यात्रादस्तावेज प्रदान किये जाने का पक्ष लिया. ललित मोदी भारत में वांछित हैं और उन्होंने 2010 से लंदन को अपना घर बना लिया है, ताकि वह 2009 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुए टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कथित विदेशी मुद्रा विनियमन उल्लंघन की जांच से बच सकें. पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया था और उनके प्रत्यर्पण के लिए दबाव बनाया था.

ब्रिटिश मीडिया ने लीक इमेल का उल्लेख किया और कहा कि वाज ने ललित मोदी को ब्रिटिश यात्र दस्तावेज के वास्ते ब्रिटेन के शीर्ष आव्रजन अधिकारी पर दबाव डालने के लिए सुषमा के नाम का उल्लेख किया. इसके बाद ललित मोदी को 24 घंटे से कम समय में यात्रा दस्तावेज प्राप्त हो गये. खबर में यह भी कहा गया है कि वाज ने सुषमा के भतीजे ज्योतिर्मय कौशल को ब्रिटिश विधि डिग्री कोर्स के लिए आवेदन करने में मदद की भी पेशकश की.

खबरें सामने आने के बाद 63 वर्षीय सुषमा ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में कहा कि मैंने मानवीय रुख अपनाया और ब्रिटिश उच्चायुक्त से कहा कि उन्हें ललित मोदी के अनुरोध पर अपने देश के नियमों के अनुरूप गौर करना चाहिए और यदि ब्रिटिश सरकार ललित मोदी को यात्र दस्तावेज देने का निर्णय करती है, तो इससे हमारे द्विपक्षीय संबंध खराब नहीं होंगे. सुषमा ने कहा कि कीथ वाज ने भी मुझसे बात की और मैंने उनसे वही बात कही जो मैंने ब्रिटिश उच्चायुक्त से कही थी.

सुषमा ने कहा, मैं यह भी उल्लेख कर सकती हूं कि कुछ ही दिन पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने ललित मोदी का पासपोर्ट जब्त करने के यूपीए सरकार के आदेश को इस आधार पर रद्द कर दिया कि कथित आदेश असंवैधानिक है, क्योंकि यह मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हैं और उन्हें उनका पासपोर्ट वापस मिल गया. वाज की ओर से कथित तौर पर सुषमा को उनके भतीजे को ब्रिटिश विधि डिग्री कोर्स के लिए आवेदन करने में मदद की पेशकश किये जाने पर सुषमा ने कहा, जहां तक ज्योतिर्मय कौशल के ससेक्स विश्वविद्यालय में विधि कोर्स में प्रवेश का सवाल है, तो उन्होंने मेरे मंत्री बनने से एक वर्ष पहले 2013 में सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रवेश प्राप्त कर लिया था. सुषमा के पति स्वराज कौशल और पुत्री बांसुरी कथित तौर पर ललित मोदी के वकील रहे हैं.

विपक्ष के हमले झेल रही सुषमा ने कहा, मैंने ललित मोदी को क्या लाभ पहुंचाया, यह कि वह कैंसर से पीडित अपनी पत्नी की सर्जरी के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर सके? वह लंदन में थे. वह अपनी पत्नी की सर्जरी के बाद लंदन लौट आये. वह क्या था, जो मैंने बदल दिया? सुषमा ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर बात की और उन्हें अपनी स्थिति समझायी.

ब्रिटेन की नजर क्यों

कंजर्वेटिव सांसद एंड्रियू ब्रिजेन ने ब्रिटिश संसदीय मानक आयुक्त कैथरीन हडसन को पत्र लिख कर उनसे यह जांच करने का आग्रह किया है कि क्या वाज ने सांसद आचार संहिता का कोई उल्लंघन किया था. वाज ने इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के लंदन आधारित पूर्व आयुक्त मोदी के मामले के निबटारे की प्रक्रिया तेज करने के प्रयास के तहत कथित रूप से ब्रिटिश वीजा व आव्रजन महानिदेशक साराह रैपसन को निजी तौर पर लिखा था. लेबर सांसद तब हाउस ऑफ कामन्स की गृह मामलों की प्रवर समिति के अध्यक्ष थे.

क्या है मामला

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 में विपक्ष की नेता सुषमा की ओर से ललित मोदी से ब्रिटेन में संपर्कसाधा गया था. उनके पति स्वराज कौशल उस वक्त मोदी के जरिये ब्रिटेन में अपने भतीजे ज्योर्तिमय कौशल का एडमिशन कराना चाहते थे. आरोप है कि मोदी की मदद से यह एडमिशन हो भी गया था. इसी के बाद सुषमा जब 2014 में विदेश मंत्री बनी, तो मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में मदद की.

मोदी पर क्या है आरोप

इडी ने ललित मोदी पर दो केस दर्ज कर रखे हैं. मोदी ने वल्र्ड स्पोर्ट्स को आइपीएल के प्रसारण के लिए 425 करोड़ का ठेका दिया था, इडी इसकी जांच कर रहा है. मोदी 2010 से लंदन को अपना घर बना लिया है, ताकि टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में सट्टे व धन की हेराफेरी की जांच से बच सके. इडी फेमा उल्लंघन मामले में भी मोदी की तलाश कर रहा है. मोदी के खिलाफ भारत में लुक-आउट नोटिस जारी है.

भाजपा व संघ का साथ

सुषमा ने जो किया है, वह सही है. सरकार साथ है. राजनाथ

यह मामला क्वात्रोची व एंडरसन को भागने से अलग है : अमित शाह

जो कुछ भी किया होगा, वो अपने मानवीय स्वभाव के कारण किया होगा : आरएसएस

सपा का मिला साथ

मानवीय आधार पर मदद में क्या बुराई है. कुछ को इस्तीफा मांगने की आदत है : रामगोपाल यादव

पीएम बताएं सच

यदि दाऊद इब्राहिम मानवीय आधार पर मदद मांगेगा, तो क्या उसे भी यह सुविधा दी जायेगी : सुरजेवाला, कांग्रेस

मामला गंभीर है, पीएम को देना होगा जवाब, डी राजा, भाकपा

यदि सुषमा इस्तीफा नहीं देती हैं, तो पीएम उन्हें बरखास्त करें : आशुतोष, आप

ललित को दी गयी मदद की निंदा करता हूं : केसी त्यागी, जदयू

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