पढिये कौन है मसरत आलम, क्यों रखा था पुलिस ने उसपर दस लाख का ईनाम

Updated at : 17 Apr 2015 10:44 AM (IST)
विज्ञापन
पढिये कौन है मसरत आलम, क्यों रखा था पुलिस ने उसपर दस लाख का ईनाम

नयी दिल्ली : मसरत आलम के दिल में पाकिस्तान समय-समय पर प्रेम छलकता रहता है. पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान उसने पाकिस्तान के झंडे फहराये. इतना ही नहीं उसने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाये जिसके बाद देश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने जहां एक ओर उसपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : मसरत आलम के दिल में पाकिस्तान समय-समय पर प्रेम छलकता रहता है. पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान उसने पाकिस्तान के झंडे फहराये. इतना ही नहीं उसने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाये जिसके बाद देश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने जहां एक ओर उसपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दवाब में जम्मू कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा.

गुरूवार देर रात मसरत को नजरबंद कर लिया गया जिसके बाद आज उसकी गिरफ्तारी हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मसरत है कौन और वह क्यों ऐसी हरकत करता है. आपको बता दें कि मसरत आलम को अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी बेहद करीबी बताया जाता है जो उनके इशारे पर पाकिस्तान के समर्थन में कार्यक्रम करता है.

2008-10 के दौरान मसरत को राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों का मास्टरमाइंड माना जाता है. इन दो-तीन साल में पत्थरबाजी की कई घटनायें हुई जिसमें करीब 112 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. मसरत के खिलाफ देशद्रोह के मामले सहित कई अन्य मामले दर्ज हैं. मसरत को अक्टूबर 2010 में पकड़ लिया गया था जिसे 1 मार्च को मुफ्ती के राज्य के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद छोड़ दिया गया.

मसरत आलम को पुलिस ने कई महीने तक तलाशने के बाद अक्टूबर 2010 में श्रीनगर के गुलाब बाग इलाके से गिरफ्तार किया था. मसरत आलम पर दस लाख रुपये का ईनाम भी पुलिस की ओर से रखा गया था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह देश के लिए एक बड़ा खतरा है. मसरत आलम को 2010 से पब्लिक सेफ्टी एक्ट यानी पीएसए के तहत जेल में बंद रखा गया था.

मसरत आलम की रिहाई का कई राजनीतिक दलों ने जोरदार विरोध किया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा था कि पिछले चार साल से कश्मीर में शांति थी क्योंकि मसरत आलम जेल में था. भाजपा की सहयोगी दल शिवसेना ने भी मसरत की रिहाई पर सवाल उठाये थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola