प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए क्यों इतना खास है हुसैनीवाला गांव?
Updated at : 23 Mar 2015 1:48 PM (IST)
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फिरोजपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शहीद दिवस पर शहीद ए आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए हुसैनीवाला आ रहे हैं. उनका यहां आना एक महत्वपूर्ण घटना साबित होने वाला है. उनके स्वागत की जोरदार तैयारी भी की गयी है. हुसैनीवाला गांव में फिरोजपुर जिले में स्थित एक सीमाई गांव […]
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फिरोजपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शहीद दिवस पर शहीद ए आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए हुसैनीवाला आ रहे हैं. उनका यहां आना एक महत्वपूर्ण घटना साबित होने वाला है. उनके स्वागत की जोरदार तैयारी भी की गयी है. हुसैनीवाला गांव में फिरोजपुर जिले में स्थित एक सीमाई गांव है. यह गांव पाकिस्तान की सीमा से मात्र एक किमी दूरी पर स्थित है और उस पार पाकिस्तानी गांव गेंदा सिंह वाला है.
हुसैनीवाला गांव सतलुज नदी के कि नारे स्थित है. यहां अंगरेज शासन काल में सेंट्रल एसेंबली पर बम गिराने के आरोप में फांसी की सजा पाये तीनों शहीदों की स्मृति में स्मारक का निर्माण कराया गया था. यहां पर बटुकेश्वर दत्ता का भी स्मारक है. 1965 में उनकी यहीं मौत हुई थी और सेंट्रल एसेंबली पर बम गिराने की घटना को अंजाम देने में वे वे भी शामिल थे. यहां भगत सिंह की मां व पंजाब माता का भी स्मारक है.
राष्ट्रीय शहीदी स्मारक की स्थापना यहां 1968 में की गयी थी. यहां हर साल 23 मार्च को शहीद मेला लगता है. इस गांव का नाम मुसलिम धर्मगुरु हुसैन के नाम पर पडा है. इस स्थल का भ्रमण कर कोई भी शख्स राष्ट्रीयता की भावना से भर जाता है और उसके मन में देश के लिए कुछ करने की भावना मजबूत हो जाती है. शहीदों के प्रति श्रद्धा रखने वाले प्रधानमंत्री शायद इसी अनुभूति के लिए हुसैनीवाला गांव पहुंच रहे हैं.
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