आखिरकार 32 साल बाद देश को मिल ही गया अपना लड़ाकू विमान ''तेजस''

बंगलुरु : रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारत का पहला स्वेदश निर्मित हल्का लडाकू विमान (एलसीए) तेजस बेंगलूरु में भारतीय वायु सेना को सौंपा. इस परियोजना की मंजूरी के 32 साल बाद इसे देश को सौंपा गया है. इस विमान को हिंदुस्तान एयरोनौटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. लम्बे अरसे से जारी इस विमान की कई चरणों […]
बंगलुरु : रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारत का पहला स्वेदश निर्मित हल्का लडाकू विमान (एलसीए) तेजस बेंगलूरु में भारतीय वायु सेना को सौंपा. इस परियोजना की मंजूरी के 32 साल बाद इसे देश को सौंपा गया है. इस विमान को हिंदुस्तान एयरोनौटिक्स लिमिटेड ने बनाया है.
लम्बे अरसे से जारी इस विमान की कई चरणों में जांच की गयी थी. अभी पिछले साल अक्टूबर में इसके पूरे बेड़े की बंगलुरु में करीब 25 मिनट तक सफल परीक्षण उड़ान की गयी थी.
इस टेस्ट फ्लाइट की सफलता ने बरसों से चल रहे स्वदेशी लड़ाकू विमान पाने के सपने को साकार होना संभव बना दिया. तेजस के बेड़े की यह उड़ान एचएएल के मुख्य परीक्षण पायलट एयर कमोडोर के.ए. मुथन्ना (से.नि.)द्वारा संचालित किया गया था.
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