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चुनौती विहीन है दिल्ली भाजपा में किरण बेदी का नेतृत्व, जीत मिलने पर मुख्यमंत्री बनना तय

Updated at : 16 Jan 2015 10:42 AM (IST)
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चुनौती विहीन है दिल्ली भाजपा में किरण बेदी का नेतृत्व, जीत मिलने पर मुख्यमंत्री बनना तय

नयी दिल्ली : देश की पहली महिला आइपीएस किरण बेदी अब सामाजिक कार्यकर्ता से एक राजनीतिक कार्यकर्ता बन गयी हैं. इसके लिए उन्होंने भाजपा के मंच को चुना, जिसकी अटकलें और सुगबुगाहट महीनों से सुनायी पड रही थी. किरण बेदी की गुरुवार को जिस मेगा अंदाज में बुधवार को भाजपा में इंट्री हुई, वह हैसियत […]

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नयी दिल्ली : देश की पहली महिला आइपीएस किरण बेदी अब सामाजिक कार्यकर्ता से एक राजनीतिक कार्यकर्ता बन गयी हैं. इसके लिए उन्होंने भाजपा के मंच को चुना, जिसकी अटकलें और सुगबुगाहट महीनों से सुनायी पड रही थी. किरण बेदी की गुरुवार को जिस मेगा अंदाज में बुधवार को भाजपा में इंट्री हुई, वह हैसियत कम ही शख्स को किसी पार्टी में शामिल होने के दौरान नसीब होती है. वे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं और उसके बाद भाजपा के दो कद्दावर नेताओं अमित शाह और अरुण जेटली की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुईं. उनकी भव्य आगवानी के लिए दिल्ली भाजपा के बडे नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन व प्रदेश इकाई के प्रभारी प्रभात झा मौजूद थे.
बाद में दिल्ली भाजपा के एक और बडे नेता विजय गोयल ने फेसबुक पर अपनी टिप्प्पणी लिखी, पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव किरण बेदी के नेतृत्व में लडेगी. उनके नेतृत्व में दिल्ली भाजपा चुनाव जितेगी और मजबूत होगी. दिल्ली भाजपा के दोनों कद्दावर नेताओं डॉ हर्षवर्धन और विजय गोयल का अंदाज किरण बेदी के लिए पहले से ही सिंहासन खाली करने वाला है. संभव है कि उन्हें इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उन्हें संकेत भी दे दिया गया हो.
किरण बेदी ने भी भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद ट्विटर पर लिखा दिल्ली को एक मजबूत, पारदर्शी और मेहनत करने वाली सरकार मिलेगी. पार्टी के एक सामान्य आगंतुक के लिए यह संभव नहीं है कि वह सीधे सरकार की बाद करे और जनता को इसके लिए भरोसा दिलाये. संकेत साफ है कि निर्विवाद रूप से दिल्ली भाजपा की नेता किरण बेदी ही होंगे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कल इस बात के संकेत दे दिये. उन्होंने कहा कि वे राज्य में चुनाव लडेंगी, पर अभी सीट तय नहीं है. दूसरी बात उन्होंने कहा कि उनके आने से राज्य में पार्टी मजबूत होगी. तीसरी और सबसे अहम बात उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि उनको मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी संसदीय बोर्ड करेगा और यह उसी का अधिकार क्षेत्र है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी किरण बेदी के राष्ट्रीय व्यक्तित्व और विश्वसनीयता की बात की. वे बेदी का गुणगान करने में और उनके आभा मंडल की व्याख्या करने में अमित शाह से दो कदम आगे चले गये.
ये संकेत बहुत साफ इशारा करते हैं कि भाजपा को जीत मिलने पर किरण बेदी ही मुख्यमंत्री होंगी. बेदी ने कल कहा भी कि उन्हें काम करना और करवाना आता है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई काम अगर उन्हें चैलेंज नहीं करता तो वे उसे करने की इच्छा नहीं रखती हैं और उसे छोड देती हैं. किरण बेदी आक्रामक अरविंद केजरीवाल के सामने अब भाजपा की नैया दिल्ली में पार कराने के लिए इस चैलेंज को स्वीकार कर चुकी हैं. वे पीएम मोदी के टॉस्क को पूरा करने में अपने व्यक्तित्व के अनुरूप पूरी उर्जा लगा देंगी और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से वंचित रही चुकी यह शख्स उसी दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री भी हो सकती हैं.
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