'बंदूक उठाओगे तो सुरक्षा बल देगा जवाब', 170 नक्सलियों के समर्पण पर बोले अमित शाह, अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर नक्सल मुक्त घोषित

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Oct 2025 5:59 PM

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Chhattisgarh Naxal Surrender

Chhattisgarh Naxal Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के दो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को नक्सल मुक्त घोषित किया है. उन्होंने कहा कि जो लोग आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. शाह ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में आज यानी गुरुवार को 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया जबकि बुधवार को 27 नक्सलियों ने हथियार डाले थे.

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Chhattisgarh Naxal Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ पहाड़ी वन क्षेत्र और उत्तरी बस्तर का इलाका अब नक्सलियों से आजाद हो गया है. उन्होंने दोनों इलाकों को नक्सल  मुक्त घोषित कर दिया है. गुरुवार को 170 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग में आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए अमित शाह ने कहा “आज छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. कल राज्य में 27 ने हथियार डाल दिए थे. महाराष्ट्र में कल 61 नक्सली मुख्यधारा में लौट आए. कुल मिलाकर, पिछले दो दिनों में 258 युद्ध-प्रशिक्षित वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का त्याग किया है.”

नक्सलवाद का जल्द ही मिटा दिया जाएगा नामोनिशान- अमित शाह

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर के अबूझमाड़ को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण बस्तर में मौजूद नक्सलवाद का जल्द ही नामोनिशान मिटा दिया जाएगा.  गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अमित शाह ने कहा कि ‘मैं उन लोगों से फिर अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद के रास्ते पर हैं, वे हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं.’ शाह ने साफ कर दिया कि हमारी नीति स्पष्ट है, जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं उनका स्वागत है, जो लोग बंदूक चलाना जारी रखेंगे उन्हें हमारे सशस्त्र बलों का कोप झेलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहा है.

आत्मसमर्पण करें या सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करें- अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. शाह ने कहा ‘मैं हिंसा का त्याग करने और भारत के संविधान में अपना विश्वास जताने के उनके निर्णय की सराहना करता हूं. यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस समस्या को समाप्त करने के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांस ले रहा है.’ शाह ने कहा कि मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है- जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं उनका स्वागत है, और जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारे सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

2100 नक्सलियों ने किया है आत्मसमर्पण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘मैं उन लोगों से फिर अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद की राह पर हैं कि वे अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ जनवरी 2024 से छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनने के बाद 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 मारे गये हैं. उन्होंने कहा ‘ये आंकड़े 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं.’

सिर्फ  तीन जिले ही नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित- गृह मंत्रालय

इससे पहले गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर तीन रह गई है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अब छत्तीसगढ़ में केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. मंत्रालय ने कहा “नक्सल-मुक्त भारत के निर्माण के मोदी सरकार के दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ी सफलता के तहत नक्सलवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या छह से घटकर तीन रह गई है.” वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की श्रेणी में भी यह संख्या 18 से घटकर केवल 11 रह गई है. (इनपुट- भाषा)

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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