CAA विरोधी हिंसा : दिल्ली की अदालत ने दो को नियमित और दो को अंतरिम जमानत दी

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने सीलमपुर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार चार लोगों को मंगलवार को जमानत दे दी. अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बृजेश गर्ग ने चिकित्सा आधार पर यूसुफ अली और मोइनुद्दीन को तीन हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दी, ताकि वे अपना इलाज […]
नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने सीलमपुर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार चार लोगों को मंगलवार को जमानत दे दी.
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बृजेश गर्ग ने चिकित्सा आधार पर यूसुफ अली और मोइनुद्दीन को तीन हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दी, ताकि वे अपना इलाज करा सकें. उन्हें यहां सीलमपुर में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने यहां जाफराबाद में हिंसा के मामले में गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों साजिद और दानियाल को नियमित जमानत दी. उन्हें 35-35 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर जमानत दी गयी. अदालत की ओर से साजिद और दानियाल की जमानत पर लगायी गयी शर्तों में यह भी शामिल है कि वे जांच में सहयोग करेंगे, गवाहों को धमकाने या प्रभावित करने का काम नहीं करेंगे और अगले छह महीने तक हर 15 दिन में जांच अधिकारी या संबंधित थाना प्रभारी के सामने पेश होंगे. अदालत ने सोमवार को उनकी जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.
अली और मोइनुद्दीन को 20-20 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत दी गयी. उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे दिल्ली नहीं छोड़ेंगे और हर सोमवार को दोपहर दो बजे सीलमपुर थाने में अपनी हाजिरी लगायेंगे. मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक ने कहा कि आरोपियों को इलाज के लिए जमानत पर छोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि इससे एसआईटी, अपराध शाखा मामले की आगे की जांच कर पायेंगी और विस्तृत रिपोर्ट दायर करेंगी. इसके बाद अदालत ने जमानत देने का आदेश पारित किया. अदालत ने अली से कहा कि वह रिहा होने के तत्काल बाद मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएचबीएएस) में अपना इलाज कराये. वह ‘हाइपोथायरायडिज्म’ नाम की बीमारी से पीड़ित है जिस वजह से उसे मंडोली जेल में दौरे पड़ रहे थे.
अदालत ने मोइनुद्दीन को निर्देश दिया कि जेल से रिहाई के बाद वह राममनोहर लोहिया अस्पताल में अपनी जांच और उपचार कराये. उसके सीधे हाथ में ‘विस्फोट से चोट’ आयी है और उसका अंगूठा उड़ गया है, साथ में कई जगह हड्डी भी टूट गयी है. उसके वकील के अनुसार, उसे चोट कथित रूप से लाठीचार्ज की वजह से लगी है, लेकिन पुलिस ने दलील दी है, वह प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पेट्रोल बम फेंकने के दौरान जख्मी हुआ है. सीमापुरी में हुई हिंसा के मामले में 11 आरोपियों के जमानत आवेदन के अलग मामले पर अदालत ने नाजिम की जमानत अर्जी समेत सभी के आवेदनों पर सुनवाई छह जनवरी तक के लिए टाल दी. नाजिम दयालपुरी इलाके में हिंसा का आरोपी है.
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया गया कि इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के सभी मामलों की तफ्तीश का जिम्मा अपराध शाखा की विशेष जांच टीम को दिया गया है और इसलिए उसे रिपोर्ट दायर करने के लिए अधिक समय चाहिए. अदालत ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार 14 लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
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