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कौन हैं पायल जांगिड़, जिन्हें बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने ''चेंजमेकर अवॉर्ड'' से सम्मानित किया

Updated at : 25 Sep 2019 9:16 AM (IST)
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कौन हैं पायल जांगिड़, जिन्हें बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने ''चेंजमेकर अवॉर्ड'' से सम्मानित किया

नयी दिल्ली: पीएम मोदी को स्वच्छता मिशन के उनके प्रयासों के लिए बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. ये बात सभी जानते हैं लेकिन हम में से कितने लोग ये जानते हैं कि इसी फाउंडेशन ने भारत की एक बेटी को इसी कार्यक्रम के तहत ‘चेंजमेकर […]

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नयी दिल्ली: पीएम मोदी को स्वच्छता मिशन के उनके प्रयासों के लिए बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. ये बात सभी जानते हैं लेकिन हम में से कितने लोग ये जानते हैं कि इसी फाउंडेशन ने भारत की एक बेटी को इसी कार्यक्रम के तहत ‘चेंजमेकर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है. चेंजमेकर अवॉर्ड से सम्मानित होने वाली भारत की इस बेटी का नाम पायल जांगिड़ है और वो अभी केवल 17 साल की हैं.

आईए जानते हैं पायल जांगिड़ और समाज में उनके योगदान के बारे में…

पायल जांगिड़ को बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से चेंजमेकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. पायल को ये सम्मान राजस्थान में बाल श्रम और बाल विवाह को समाप्त करने के उनके अभियान के लिए दिया गया है. इस अवॉर्ड से सम्मानित करने के बाद संस्था की तरफ से एक ट्वीट किया गया. लिखा था, ‘जांगिड़ को गोलकीपर्स ग्लोबल गोल्स अवॉर्ड्स में चेंजमेकर अवॉर्ड मिला. ये पुरस्कार बाल श्रम और बाल विवाह को समाप्त करने के पायल के अभियान को मान्यता प्रदान करता है’.

राजस्थान की रहने वाली हैं पायल जांगिड़

पायल जांगिड़ केवल 17 साल की हैं. वो राजस्थान के हिंसला गांव की निवासी हैं. जानकारी के मुताबिक काफी उम्र में उनके परिवार ने भी उन पर शादी करने का दबाव बनाया लेकिन पायल ने परिवार के दवाब में ना आकर स्कूल जाने का फैसला किया. पायल जांगिड़ ने अपने गांव में बाल मित्र ग्राम कार्यक्रम के तहत गठित बाल परिषद् में बाल पंचायत प्रमुख के तौर पर काम किया. ये कार्यक्रम, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बचपन बचाओ आंदोलन आंदोलन के तहत आता है.

कैलाश सत्यार्थी ने की प्रयास की सराहना

कैलाश सत्यार्थी ने अपने एक लेख में पायल जांगिड़ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा था कि ‘पायल बाल श्रम, बाल विवाह और घूंघट प्रथा का विरोध करने में सबसे आगे रहीं हैं’. बता दें कि पायल ने बच्चों के अधिकार और उनकी शिक्षा के लिए काम करने वाली संस्था ‘द वल्डर्स चिल्ड्रन प्राइज’ के लिए जूरी सदस्य के रूप में भी काम किया है.

अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताई पायल ने

अपने अभियान के बारे में बताते हुए पायल कहती हैं कि हम बच्चों के घर जाते हैं और उनके माता-पिता को समझाते हैं कि शिक्षा का क्या महत्व है और स्कूल जाना क्यों जरूरी है. मैं बच्चों के पिता से कहती हूं कि वे कभी भी अपने बच्चों या पत्नी को मारें-पीटें नहीं, बल्कि उन्हें प्यार दें. अगर वे अपने परिवार से प्यार करेंगे तो सारी चीजें बेहतर हो जाएंगी. पुरस्कार मिलने पर पायल जांगिड़ ने कहा कि मैं काफी खुश हूं कि ये अवॉर्ड मिला.

मेरी इच्छा है कि जिस तरह से मैंने अपने गांव में इन समस्याओं को खत्म किया है चाहती हूं कि वैश्विक स्तर पर भी इन समस्याओं के खिलाफ अभियान चलाऊं. पायल जांगिड़ ने ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर पीएम मोदी को बधाई दी है.

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