हाउडी मोदी: अमेरिका दौरे पर रवाना हुये पीएम नरेंद्र मोदी, जानिए वैश्विक मंच पर क्या होगा खास

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Sep 2019 8:50 AM

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नयी दिल्ली: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सात दिवसीय अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. यात्रा के दौरान उनका विमान कुछ समय के लिए जर्मनी में रूकेगा. यहां से वे न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो जायेंगे. पीएम मोदी का अमेरिका दौरा इस बार काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है जहां वे डोनाल्ड ट्रंप […]

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नयी दिल्ली: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सात दिवसीय अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. यात्रा के दौरान उनका विमान कुछ समय के लिए जर्मनी में रूकेगा. यहां से वे न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो जायेंगे. पीएम मोदी का अमेरिका दौरा इस बार काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है जहां वे डोनाल्ड ट्रंप के साथ हफ्ते में दो बार मुलाकात करेंगे. इस मुलाकात में दोनों के बीच भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती, व्यापारिक साझेदारी और वैश्विक कूटनीति में मजबूती से साथ निभाने जैसी बातें होंगी.

हाल के दिनों में भारत-अमेरिका के बीच संबंधों में सरगर्मी आई है और पीएम मोदी इस मौके को वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती के तौर पर भुनाना चाहेंगे. पीएम मोदी की कोशिश होगी कि भारत को इस दौरान व्यापार के दृष्टिकोण से सबसे बड़े विकल्प के तौर पर पेश किया जा सके. जाहिर है कि भारत का ध्यान इस समय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से वैश्विक पसंद बनने पर है.

शीर्ष कंपनियों के सीईओ से भी करेंगे मुलाकात

बता दें कि अपने अमेरिका दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी विभिन्न देशों के शीर्ष कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे और उन्हें भारत में बड़े निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे. पीएम मोदी विशेषकर शीर्ष वैश्विक उर्जा कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी ह्यूस्टन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे. इस खास कार्यक्रम का नाम ‘हाउडी मोदी’ दिया गया है. इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हिस्सा ले रहे हैं.

पीएम मोदी ने अमेरिका रवाना होने से पहले कहा कि ह्यूस्टन प्रांत व्यापारिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जाता है. वहां की अर्थव्यवस्था में भारतीय-अमेरिकियों का बहुत बड़ा योगदान है. इसलिए इतनी बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधित करना काफी अहम होगा.

UN जेनरल एसेंबली का 74वां सत्र संबोधित करेंगे

ह्यूस्टन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधितत करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी यूनाइटेड नेशन की जेनरल एसेंबली के 74वें सत्र को संबोधित करेंगे. विश्वभर के नेताओं के बीच भारत का पक्ष रखने के लिए ये बहुत बड़ा मंच साबित होगा. बता दें कि इस बार जेनरल एसेंबली के सत्र की विषय वस्तु ‘गरीबी, उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जलवायु कार्रवाई और समावेशन के लिए बहुपक्षीय प्रयासों को बढ़ावा देना है’.

ग्लोबल गोलकीपर्स गोल्स अवॉर्ड से सम्मानित होंगे

पीएम मोदी यहां जलवायु सरंक्षण तथा पर्यावरण की दिशा में किए गए प्रयासों को बताएंगे. साथ वे सतत पोषणीय विकास के दृष्टिकोण से सरकार द्वारा अपनाए गए सुझाओं पर भी अपना पक्ष रखेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में गरीबों के लिए किए गये प्रयास, आयुष्मान भारत योजना के विषय को भी वहां रखा जायेगा. अमेरिकी दौरे के दौरान पीएम मोदी को बिल एवं मेलिना गेट्स फाउंडेशन की तरफ से ‘ग्लोबल गोलकीपर्स गोल्स अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया जायेगा.

हालांकि विश्व के कुछ पत्रकारों तथा मानवाधिकार संगठनों ने पीएम मोदी को ये अवॉर्ड दिए जाने पर आपत्ति जताई है और बिल गेट्स को पत्र लिखकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है.

हाउडी मोदी कार्यक्रम को लेकर निकाली कार रैली

इस बीच ह्यूस्टन में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम हाउडी मोदी को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने न्यूयॉर्क में कार रैली निकाली और कार्यक्रम का प्रचार किया. पीएम मोदी यहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी मिली है कि इस कार्यक्रम के लिए तकरीबन 50 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.

बता दें कि ह्यूस्टन संयुक्त राज्य अमेरिका का बहुत बड़ा प्रांत है और आर्थिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है. कहा जाता है कि अगर ह्यूस्टन एक अलग देश होता तो विश्व की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होता. दिलचस्प है कि यहां की अर्थव्यवस्था में भारतीय मूल के अमेरिकियों का बड़ा योगदान है.

न्यूयॉर्क में हाउडी मोदी कार्यक्रम का हुआ विरोध

इस बीच खबरें आईं कि, ह्यूस्टन में पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम का विरोध शुरू हो गया है. कुछ पाकिस्तानी समर्थित संगठनों ने खालिस्तानी समर्थकों के साथ मिलकर पीएम मोदी के कार्यक्रम के विरोध की योजना बनाई है. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने भारत के ऊपर कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. इसके लिए न्यूयॉर्क शहर में जगह-जगह बड़ी संख्या में विरोध के लिए पोस्टर लगाए गए हैं. हालांकि ह्यूस्टन में रह रहे कुछ प्रवासी भारतीयों का कहना है कि जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्हें कश्मीर की वास्तविकता का कुछ पता नहीं हैं. ये लोग केवल उकसावे पर ऐसा कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर फेक संदेश फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिशें की जा रही हैं.

प्रवासी कश्मीरी पंडिय मोहन सप्रू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यहां पाकिस्तान समर्थित जिहादी इस्लामिक ग्रुप्स लोगों को बरगला रहे हैं. यहां की मीडिया और राजनेता सामान्यत कश्मीर के वास्तविक हालात के बारे में नहीं जानते इसलिए वे भी इनकी गलत जानकारी पर भरोसा कर रहे हैं. सप्रू का कहना है कि शायद दुनिया को पता नहीं है कि वहां कट्टरपंथियों ने किस प्रकार हिन्दुओं के खिलाफ हत्या, बलात्कार और देश निकाला जैसे भयानक अपराध किए थे.

वहीं जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि भारत सरकार कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही हैं. उन्होंने पीएम मोदी पर अल्पसंख्यंकों के खिलाफ हो रहे अपराध के प्रति आंख मुंद लेने का आरोप लगाया है.

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