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भारतीयों को मूर्ख बोलकर काफी विवाद में रहे हैं काटजू

Updated at : 21 Jul 2014 2:01 PM (IST)
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भारतीयों को मूर्ख बोलकर काफी विवाद में रहे हैं काटजू

नयी दिल्‍ली : भारतीय प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष मार्कण्‍डेय काटजू का विवादों से पुराना रिश्‍ता रहा है. प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष चुने जाने के बाद से उन्‍होंने कई मौकों पर विवाद बढ़ाने वाले बयान दिये. काटजू 90 प्रतिशत भारतीयों को मूर्ख बोल कर काफी विवादों में रहे हैं. काटजू ने कहा था कि लगभग 90 […]

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नयी दिल्‍ली : भारतीय प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष मार्कण्‍डेय काटजू का विवादों से पुराना रिश्‍ता रहा है. प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष चुने जाने के बाद से उन्‍होंने कई मौकों पर विवाद बढ़ाने वाले बयान दिये. काटजू 90 प्रतिशत भारतीयों को मूर्ख बोल कर काफी विवादों में रहे हैं. काटजू ने कहा था कि लगभग 90 प्रतिशत भारतीय मूर्ख हैं.मार्कण्‍डेयकाटजूके इस बयान का देशभर में विरोध किया गया था.

एक कार्यक्रम मेंकाटजूने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि 90 प्रतिशत भारतीय मूर्ख होते हैं. उन्‍होंने इसी कार्यक्रम में भारतीयों पर कम्‍यूनल होने का आरोप लगाया था.काटजूने कहा था कि भारत में 80 प्रतिशत हिंदू और मुसलमान कम्‍यूनल हैं. उन्‍होंने इस बात को साबित करने के लिए चुनाव का उदाहरण दिया था. उन्‍होंने कहा कि भारतीय चुनाव में जाति और धर्म के आधार पर वोट देते हैं,न की उम्‍मीदवार की योग्‍यता के आधार पर.काटजूने आज यूपीए सरकार को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है.

उन्‍होंने मनमोहन सिंह सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए बयान दिया है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि यूपीय सरकार को बचाने के लिए मद्रास कोर्ट के जज की प्रमोशन दिया गया था. इस मामले में काटजू ने तीन पूर्व न्‍यायाधीशों पर भी आरोप लगाया है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि तीन पूर्व प्रधान न्यायाधीशों…आरसी लाहोटी, वाईके सभरवाल और केजी बालकृष्णन ने न्यायाधीश, जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप थे, को सेवा में बने रहने देने की अनुमति देकर अनुचित समझौते किये.

*काटजूके बयान पर बवाल

काटजू के बयान के बाद बवाल शुरू हो गया है. आज राज्‍यसभा और लोकसभा में काटजू के बयान को लेकर सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए रोक देना पड़ा था. अन्नाद्रमुक के थम्बी दुरै ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुए कहा कि यह गंभीर आरोप है और सरकार को इस बात की जांच करानी चाहिए कि ऐसा राजनीतिक दबाव क्यों और किसकी ओर से डाला गया. उन्होंने इस मामले में सरकार से जवाब की मांग की.

* कौन हैंकाटजू

20 सितम्‍बर 1946 में जन्‍में मार्कण्‍डेयकाटजूइलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की.काटजू28 नवंबर 2004 से 10 अक्‍टूबर 2005 तक मद्रास हाईकोर्ट के जज रहे हैं. उन्‍होंने दिल्‍ली हाईकोर्ट में 12 अक्‍टूबर 2005 से 10 अप्रैल 2006 तक सेवा दी.काटजू10 अप्रैल 2006 से 19 सितम्‍बर 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश रहे.काटजूको 5 अक्‍टूबर 2011 को भारतीय प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष के रूप में चुना गया. उनका कार्यकाल इस वर्ष 5 अक्‍टूबर को समाप्‍त हो रहा है.

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