डॉक्टरों ने 72 साल के बुजुर्ग को बताया मृत, मुर्दाघर में मिले जिंदा और फिर...

सागर : सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान कोताही की कहानी आए दिन सुनने को मिलती है, लेकिन सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों की कोताही का एक और नया मामला मध्यप्रदेश के सागर जिले से सामने आया है. दरअसल, मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना कस्बे के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान […]
सागर : सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान कोताही की कहानी आए दिन सुनने को मिलती है, लेकिन सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों की कोताही का एक और नया मामला मध्यप्रदेश के सागर जिले से सामने आया है. दरअसल, मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना कस्बे के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर ने एक 72 साल के बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया. दूसरे दिन पुलिस को वही बुजुर्ग मुर्दाघर में जिंदा मिले. हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
बीना पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल मौर्य ने शनिवार को बताया मृतक की पहचान छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे के रहने वाले किशन सोनी (72) के तौर पर की गयी है. उन्हें 14 जून को इलाज के लिए बीना के शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया था. 20 जून की रात को लगभग 9 बजे अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित करते हुए पुलिस को इसकी सूचना भेज दी. दूसरे दिन पुलिस टीम मुर्दाघर पहुंची, तो उसने किशन को जिंदा देखा और वह कुछ बात करने की कोशिश भी कर रहे थे.
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने तत्काल किशन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के कुछ देर बाद लगभग साढ़े दस बजे बजे उनकी मौत हो गयी. जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ एसआर रोशन ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर की लापरवाही की जांच की जायेगी. बीना के एसडीएम केएल मीणा ने कहा कि मामले की जांच रिपोर्ट सीएमएचओ को भेजी जायेगी और इसके बाद ही दोषी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई की जायेगी.
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