सांसदों की मांग पर शुरू हुए स्टॉपेज पर अब नहीं रुकेंगी ट्रेनें

नयी दिल्ली : स्थानीय सांसदों के दबाव के कारण शुरू किये गये 1250 स्टॉपेज पर अब ट्रेनें नहीं रुकेंगी. रेलवे के आंतरिक सर्वे में पता चला है कि अतिरिक्त स्टॉपेज के कारण रेलवे को हर दिन एक करोड़ रुपये का घाटा होता है. हर अतिरिक्त स्टॉपेज के कारण ईंधन व अन्य खर्च करीब 8,000 रुपये […]
नयी दिल्ली : स्थानीय सांसदों के दबाव के कारण शुरू किये गये 1250 स्टॉपेज पर अब ट्रेनें नहीं रुकेंगी. रेलवे के आंतरिक सर्वे में पता चला है कि अतिरिक्त स्टॉपेज के कारण रेलवे को हर दिन एक करोड़ रुपये का घाटा होता है. हर अतिरिक्त स्टॉपेज के कारण ईंधन व अन्य खर्च करीब 8,000 रुपये बैठता है.
वहीं कमाई महज 500 रुपये होती है. इस तरह रेलवे को सालाना 300 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा होता है. ऐसे स्टॉपेज को साइलेंट किलर्स कहा गया है. बिहार व केरल को जोड़नेवाले ट्रेनों के लिंक पर सबसे ज्यादा ऐसे स्टॉपेज आते हैं. ऐसे कुल 2400 में 1250 स्टॉपेज व्यावसायिक रूप से अवांछित व अव्यावहारिक हैं. इनकी शुरुआत तब हुई, जब स्थानीय सांसदों ने जनता की मांग बता कर रेलवे को सिफारिश की थी. इनमें से ज्यादातर अब सांसद नहीं हैं.
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