मॉनसून में देरी होने से 45% हुई वर्षा में कमी, उत्तर, मध्य भारत में गर्मी से राहत नहीं केरल में झमाझम बारिश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Jun 2019 6:10 AM (IST)
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जून में सुस्त रह सकती है मॉनसून की गति नयी दिल्ली : भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि मॉनसून के आने में देरी से जून के पहले नौ दिनों में देश में वर्षा की कमी बढ़कर 45 प्रतिशत हो गयी है. मॉनसून ने सामान्य आगमन की तारीख से एक सप्ताह की देरी से आठ जून […]
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जून में सुस्त रह सकती है मॉनसून की गति
नयी दिल्ली : भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि मॉनसून के आने में देरी से जून के पहले नौ दिनों में देश में वर्षा की कमी बढ़कर 45 प्रतिशत हो गयी है. मॉनसून ने सामान्य आगमन की तारीख से एक सप्ताह की देरी से आठ जून को केरल में दस्तक दी. इससे देश के अलग..अलग हिस्सों में मॉनसून का आगमन भी विलंबित हुआ. मौसम विभाग ने कहा कि देश में 32.4 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 17.7 मिलीमीटर बारिश हुई, इससे वर्षा की कमी लगभग 45 प्रतिशत तक हो गयी है.
जून में वर्षा की कमी मॉनसून की सुस्त गति और कमजोर अलनीनो के कारण बढ़ सकती है. अल नीनो प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने से जुड़ा घटनाक्रम है. अरब सागर में जारी चक्रवाती परिसंचरण के चलते अगले कुछ दिनों में मॉनसून की गति धीमी हो सकती है. भारतीय मौसम विभाग के आंकड़े में कहा गया है, ‘‘दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र और पूर्व मध्य अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है. इसके दक्षिण-पूर्व और इससे सटे पूर्व मध्य अरब सागर से सटे क्षेत्र में अगले 48 घंटों के दौरान एक दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है. इसके उत्तर-पश्चिमोत्तर की ओर आगे बढ़ने और एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की काफी संभावना है.
देश के चार मौसम डिविजनों में सबसे अधिक 66 प्रतिशत की कमी मध्य भारत में है जिसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ राज्य आते हैं. इसमें कहा गया है कि मध्य भारत के गुजरात में कच्छ तथा सौराष्ट्र उप-प्रभागों में 100 प्रतिशत की कमी देखी गयी है. स्थिति महाराष्ट्र में, विशेष तौर पर विदर्भ और सूखाग्रस्त मराठवाड़ा में गंभीर है, जहां बारिश की कमी क्रमशः 70 प्रतिशत और 50 प्रतिशत हो गयी है.
उत्तर, मध्य भारत में गर्मी से राहत नहीं केरल में बारिश
नयी दिल्ली : देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और लोगों को फिलहाल ‘लू’ से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. उधर, दक्षिणी राज्य केरल में मॉनसून के दस्तक देने के एक दिन बाद रविवार को हल्की बारिश हुई .
दिल्ली में चिलचिलाती धूप के साथ अधिकतम तापमान 43. 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से चार डिग्री अधिक है. मौसम विभाग ने सोमवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में लू चलने का पूर्वानुमान लगाया है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले हफ्ते भी उत्तर और मध्य भारत में लू के लिए मौसमी परिस्थितियां बनी रहेंगी.
उन्होंने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले दो दिनों तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में प्रचंड लू के लिए मौसमी परिस्थितियां कायम रहेंगी. पश्चिमी राजस्थान का श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म स्थान रहा. वहां अधिकतम तापमान 48. 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
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