कानपुर में जुड़वां बेटियों की हत्या, मां ने कहा- मैं सोती रही मेरे पति ने सब खत्म कर दिया

DCP दक्षिण कानपुर, दीपेंद्र नाथ चौधरी (Photo: ANI)
जांच में पता चला कि कमरे में कहीं भी हलचल के निशान नहीं थे, जिससे शक मजबूत हुआ कि हमले से पहले बच्चियां बेहोश थीं. आरोपी मिश्रा ने खुद तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को फोन किया. पुलिस के आने पर वह घर में ही मिला. मिश्रा की पत्नी रेशमा ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई खबर नहीं थी. उन्होंने कहा कि मैं सो रही थी, मुझे पता ही नहीं चला कि ये सब कब हो गया.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक पिता ने अपनी ही 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी. सुबह जब मां उठी तो उसने दोनों बच्चियों को खून से लथपथ देखा, जिसके बाद मामला सामने आया. इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया, जिसमें माता-पिता, दो बेटियां और एक छोटा बेटा शामिल थे. पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली रेशमा की शादी 2014 में शशि रंजन मिश्रा से हुई थी, लेकिन उनका जीवन धीरे-धीरे दुखों में बदल गया.
परिवार किदवई नगर के किराए के फ्लैट में रहता था और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर चुकी थी. रेशमा अपने छह साल के बेटे के साथ अलग कमरे में सोती थीं, जबकि पति जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में रहता था. मिश्रा पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे, लेकिन बिजनेस के लिए नौकरी छोड़ दी और अब बेरोजगार थे. वहीं, ब्यूटी पार्लर में काम कर चुकी रेशमा भी इस समय बिना नौकरी के थीं, जिससे परिवार की हालत और बिगड़ गई थी.
#WATCH | Kanpur, UP | DCP South Kanpur, Deependra Nath Chaudhary says, "We recieved information regarding an incident where a father killed his twin daughters. The officials have inspected the spot…The accused has been arrested. Further investigation is underway" (19.04)… pic.twitter.com/7mtJHDdKfD
— ANI (@ANI) April 20, 2026
मिश्रा अपनी बेटियों को अपने कमरे में ले गया
रेशमा के अनुसार, सालों से उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण होता जा रहा था. मिश्रा का शक बढ़ता जा रहा था और वह उन पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए पूरे घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा चुका था. मिश्रा शराब पीता था, नींद की गोलियां खाता था. खासकर अपनी मां की मौत के बाद से डिप्रेशन से जूझ रहा था. रेशमा ने पुलिस को बताया कि उसने (मिश्रा ने) पहले कहा था कि वह अपनी जान दे देगा और उसने बच्चों के साथ मरने की बात भी कही थी. घटना वाली रात, मिश्रा अपनी बेटियों को अपने कमरे में ले गया, जैसा कि वह अक्सर करता थे. रेशमा ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ सो गईं.
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सीसीटीवी में क्या दिखा ?
सीसीटीवी में दिखा कि मिश्रा रात करीब ढाई बजे एक बच्ची को बाथरूम ले गया और वापस आया, तब दोनों जिंदा थीं. इसके बाद घटना ने खौफनाक मोड़ ले लिया. पुलिस के मुताबिक, मिश्रा ने बच्चों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, जिससे वे बेहोश हो गईं. फिर उसने उनका गला घोंटा और अगले दिन खरीदे गए चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी.
नौबस्ता थाने में केस दर्ज किया गया
रेशमा के बयान के आधार पर नौबस्ता थाने में केस दर्ज किया गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या की असली वजह अभी साफ नहीं है, हालांकि मिश्रा ने बेटियों के भविष्य की चिंता की बात कही है. फिलहाल पुलिस मानसिक तनाव, डिप्रेशन और आर्थिक तंगी को कारण मानकर जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम ने घर से सबूत जुटाए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आखिरी घंटों की पूरी कहानी समझने की कोशिश की जा रही है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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