”आप” विधायक अनिल बाजपेयी भाजपा में शामिल, अलका लांबा ने किया समर्थन

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नयी दिल्ली : दिल्ली में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए गांधी नगर से उसके विधायक अनिल बाजपेयी शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गये. बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने ‘आप’ इसलिए छोड़ी क्योंकि वह पार्टी के भीतर दुर्व्यवहार और अपमान के चलते घुटन महसूस कर रहे थे. उन्होंने […]

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नयी दिल्ली : दिल्ली में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए गांधी नगर से उसके विधायक अनिल बाजपेयी शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गये.

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बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने ‘आप’ इसलिए छोड़ी क्योंकि वह पार्टी के भीतर दुर्व्यवहार और अपमान के चलते घुटन महसूस कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्तारूढ़ पार्टी के कई अन्य विधायक भी ऐसा ही महसूस करते हैं. गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत ‘आप’ नेताओं ने भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त में शामिल होने का आरोप लगाया था, इसके कुछ ही समय बाद यह घटनाक्रम सामने आया है. बाजपेयी बीते दो महीनों के दौरान भाजपा में शामिल होने वाले दूसरे कानून निर्माता हैं. इससे पहले पंजाब से ‘आप’ के निलंबित सांसद हरिंदर सिंह खालसा मार्च में भाजपा में शामिल हो गये थे.

बाजपेयी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू तथा केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की मौजूदगी में यहां दिल्ली इकाई के कार्यालय में पार्टी में शामिल हुए. इस बीच, आम आदमी पार्टी की असंतुष्ट विधायक अलका लांबा ने शुक्रवार को दावा किया कि अनिल बाजपेयी आत्म सम्मान बचाने के लिए भाजपा में शामिल हुए, क्योंकि दिल्ली में सत्तारूढ़ दल ने कई मौकों पर उनका अपमान किया था. चांदनी चौक से विधायक अलका ने कहा, आप विधायक ने यह कदम पैसे के लिए नहीं बल्कि आत्म सम्मान के लिए उठाया. आप को निश्चित रूप से इस बारे में सोचना चाहिए.

बाजपेयी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू तथा केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की मौजूदगी में यहां दिल्ली इकाई के कार्यालय में पार्टी में शामिल हुए. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ आप नेता गोपाल राय ने कहा कि पार्टी पहले ही कह रही है कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है. गौरतलब है कि बुधवार को सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने आप के सात विधायकों को दल बदलने के लिए 10-10 करोड़ रुपये की पेशकश की है.

हालांकि, बाजपेई ने भाजपा में शामिल होने के लिए रुपये लेने से इनकार किया और कहा कि आरोप लगाना और फिर माफी मांगना केजरीवाल की आदत है. दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री गोयल ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सात नहीं, बल्कि 14 आप विधायक पार्टी के संपर्क में हैं और वे हताशा तथा अपमान के कारण आप छोड़ना चाहते हैं. आप के तीन पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गये हैं.

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