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राहुल गांधी के वादे की नयी बात: 72 हजार सालाना घर की महिलाओं के खाते में जाएंगे

Updated at : 26 Mar 2019 11:07 AM (IST)
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राहुल गांधी के वादे की नयी बात: 72 हजार सालाना घर की महिलाओं के खाते में जाएंगे

नयी दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा ऐलान किया है. राहुल ने सोमवार को कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर देश के हर गरीब परिवार को सालाना 72 हजार रुपये दिये जायेंगे. इस योजना से देश के पांच करोड़ परिवारों यानी 25 करोड़ लोगों को गरीबी से […]

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नयी दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा ऐलान किया है. राहुल ने सोमवार को कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर देश के हर गरीब परिवार को सालाना 72 हजार रुपये दिये जायेंगे. इस योजना से देश के पांच करोड़ परिवारों यानी 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकेगा. इस योजना को लेकर एनडीए के घटक दलों ने कांग्रेस की आलोचना की जिसके बाद मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉंन्फ्रेंस की और मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया.

भाजपा के हमले पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह गरीबी पर वार करने वाले इस प्रस्तावित कदम के पक्षधर हैं या विरोधी हैं. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि 72000 हजार रुपये परिवार की गृहणी के खाते में डाले जाएंगे.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘ यह योजना महिला केंद्रित होगी. इसके तहत पैसा घर की गृहणी के खाते में जमा कराया जाएगा.’ सुरजेवाला ने कहा कि इस योजना से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बराबर न्याय मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत सबसे गरीब, पांच करोड़ परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये मिलेंगे.

उन्होंने कहा, ‘ मोदी जी बताइए, आप न्याय के पक्षधर हैं या विरोधी? क्योंकि आपके मंत्री इसका विरोध कर रहे हैं.’

सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘ पाखण्ड का सहारा लेने वाले मोदी जी कुछ पूंजीपतियों को 3.17 लाख करोड़ रुपये दे सकते हैं, लेकिन गरीबों को 72 हजार रुपये देने में विरोध क्यों है?’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी जी और भाजपा हमेशा गरीबों के खिलाफ खड़े रहे हैं. नरेंद्र मोदी, गरीब विरोधी.’

प्रस्तावित योजना की वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा आलोचना किए जाने के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा, ‘उनके बोगस ब्लॉग मंत्री जी मिथ्या प्रचार कर रहे हैं. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम न्याय को लागू करने के साथ ही मनरेगा और दूसरी सभी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेंगे.’ कांग्रेस के ‘न्याय’ के वादे की नीति आयोग द्वारा आलोचना किये जाने पर सुरजेवाला ने दावा किया कि नीति आयोग अब ‘राजनीति आयोग’ बन गया है.

यहां चर्चा कर दें कि राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि हर परिवार की न्यूनतम आय की सीमा 12 हजार रुपये होगी. उन्होंने बताया कि न्यूनतम आय की यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जायेगी और गरीबों के बैंक खातों में सीधे पैसा डाला जायेगा. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद राहुल ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले पांच वर्षों में देश की जनता को बहुत मुश्किलें सहनी पड़ी हैं. हमने निर्णय लिया और हम हिंदुस्तान के लोगों को न्याय देने जा रहे हैं. यह न्याय न्यूनतम आय गारंटी है. उन्होंने कहा कि हम 12000 रुपये महीने तक की आय वाले परिवारों को न्यूनतम आय गारंटी ‘न्याय’ देंगे. कांग्रेस गारंटी देती है कि वह देश में 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों में से प्रत्येक को हर साल 72000 रुपये देगी.

घोषणापत्र के मसौदे को मिली मंजूरी
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए लाये जा रहे पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल वादों को स्वीकृति प्रदान की गयी, जिनमें न्यूनतम आय गारंटी योजना प्रमुख है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस बार अपने चुनावी घोषणापत्र में न्यूनतम आय गारंटी के तहत गरीब परिवारों को सालाना 72000 रुपये देने, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने सहित कई वादे शामिल करेगी.

जानिए, गरीब परिवार को कैसे और कितना मिलेगा लाभ

योजना के बारे में समझाते हुए राहुल ने कहा कि इस योजना के तहत हर गरीब परिवार की न्यूनतम आय 12 हजार रुपये सुनिश्चित की जायेगी. योजना के तहत अगर किसी की आय 12 हजार रुपये से कम है, तो उतने पैसे सरकार उसके खाते में डालेगी. जैसे- अगर किसी की आय छह हजार रुपये है, तो सरकार उसे छह हजार रुपये और देगी. जब वह व्यक्ति 12 हजार की आय सीमा से ऊपर आ जायेगा, तो वह इस योजना से बाहर आ जायेगा.

इन देशों में है ऐसी सुविधा
विश्व के कई देशों में इसी तरह की सुविधाएं गरीबों को मिल रही हैं. इनमें ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, आयरलैंड जैसे देश शामिल हैं.

राजकोषीय घाटा 1.7 प्रतिशत बढ़ेगा : अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, अभी देश की जीडीपी 207 लाख करोड़ है और राजकोषीय घाटा सात लाख करोड़ का है. ऐसे में राजकोषीय घाटा कुल जीडीपी का 3.4% है. राहुल की नयी योजना से 3.6 लाख करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया है. इससे राजकोषीय घाटे पर 1.7% अतिरिक्त भार बढ़ सकता है.

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