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पाक बेनकाब, आतंकी मसूद बोला 17 साल से नहीं गया अस्पताल, मेरी किडनी व जिगर दोनों ठीक

Updated at : 15 Mar 2019 9:14 AM (IST)
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पाक बेनकाब, आतंकी मसूद बोला 17 साल से नहीं गया अस्पताल, मेरी किडनी व जिगर दोनों ठीक

पाक ने अजहर का किया था बचाव, बताया था बीमार जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का एक नया ऑडियो सामने आया है जिसने आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है और साबित कर दिया है कि कैसे मसूद अजहर को बचाने के लिए पाकिस्तान ने कई झूठ बोले. पुलवामा हमले के 16 […]

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पाक ने अजहर का किया था बचाव, बताया था बीमार
जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का एक नया ऑडियो सामने आया है जिसने आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है और साबित कर दिया है कि कैसे मसूद अजहर को बचाने के लिए पाकिस्तान ने कई झूठ बोले. पुलवामा हमले के 16 दिन बाद शाह महमूद कुरैशी ने दुनिया के सामने यह कुबूल किया था कि मसूद अजहर बीमार ही नहीं, बहुत बीमार है और इतना बीमार कि चल फिर भी नहीं सकता. उन्होंने यह भी बताया था कि मसूद रावलपिंडी के एक अस्पताल में भर्ती है.
लेकिन, पुलवामा हमले के 30 दिन बाद मसूद का यह ऑडियो बताता रहा है कि पाकिस्तान आतंक ही नहीं, झूठ भी पालता है. जिस वक्त पूरी दुनिया मसूद पर सुरक्षा परिषद में होने वाले फैसले का इंतजार कर रही थी उस वक्त वह बहावलपुर में अपने हेडक्वार्टर में बैठकर दुनिया की बेचैनी पर हंस रहा था. अपनी बेफिक्री का एलान उसने बुधवार सुबह ही अपने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के अखबार के जरिये कर दिया था. मसूद ने अपने कॉलम में लिखा है कि वह बिलकुल स्वस्थ है. मसूद ने यह भी कहा है कि उसे कोई बीमारी नहीं हुई है. मसूद अजहर हर हफ्ते जैश के अखबार में कॉलम लिखता है. यह अखबार पाकिस्तान के पेशावर से छपता है.
हालांकि, पाक विदेश मंत्री कुरैशी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि मसूद बेहद बीमार है. जब इमरान सरकार को लगा कि मसूद के पाक में होने के कबूलनामे से कहीं बात न बिगड़ जाये तो सेना के जरिये यह कहलवाया कि जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तान में अस्तित्व ही नहीं है, लेकिन पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान की सरकार दोनों के झूठ का पर्दाफाश करते हुए मसूद ने खुद कह दिया कि वह पाकिस्तान में ही है और बिल्कुल फिट है. इसी से साबित होता है कि पाकिस्तान में आतंकियों की क्या हैसियत है.
पहले जारी किया ऑडियो, फिर सलामती की खबर अपने अखबार में छापी
मसूद का दावा : 17 साल से अस्पताल नहीं गया
12 मार्च को रिकॉर्ड किये गये इस ऑडियो में मसूद ने कहा कि मुझ नाचीज गरीब के बारे में खबरें आ रही हैं कि मैं सख्त बीमार हूं. कोई गुर्दे का मर्ज बता रहा है तो कोई जिगर का. मुमकिन है कि दुनियाभर में 2-4 अफराज इन खबरों से परेशान हों इसलिए अर्ज करता हूं कि मैं खैरियत से हूं. गुर्दे भी ठीक हैं और जिगर भी. बाकी जहां तक दिल का ताल्लुक है तो वह भी ठीक है. अलबत्ता रुहानी तौर पर उसे ठीक रखने की फिक्र और दुआ करता रहता हूं. उसने आगे कहा कि 17 साल से कभी अस्पताल में दाखिल नहीं हुआ. कई-कई साल तक किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पेश नहीं आयी. टेस्ट कराने का मुखालिफ हूं इसलिए टेस्ट नहीं कराता, मगर अनामात से मालूम होता है कि शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां अभी तक नहीं हैं.
जेटली ने नेहरू को बताया दोषी, बोले- चीन को दिलायी स्थायी सदस्यता
नयी दिल्ली. आतंकी मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित न होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसके लिए मूल रूप से दोषी हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि नेहरू द्वारा 02 अगस्त, 1955 को मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र से स्पष्ट होता है कि अनौपचारिक रूप से अमेरिका ने सुझाया था कि चीन को संयुक्त राष्ट्र में लिया जाये लेकिन उसे सुरक्षा परिषद में नहीं लिया जाये. उसकी जगह भारत को सुरक्षा परिषद में लिया जाये. जेटली ने अपने ट्वीट में नेहरू के पत्र के हवाले से कहा कि इसे स्वीकार नहीं कर सकते और यह चीन जैसे महान देश के साथ उचित नहीं होगा कि वह सुरक्षा परिषद में नहीं हो. राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए जेटली ने पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष यह बतायेंगे कि मूल दोषी कौन था?
मसूद अजहर 1994 में आया था दिल्ली चाणक्यपुरी के एक होटल में ठहरा था
नयी दिल्ली : आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मसूद अजहर जनवरी 1994 में जब पहली बार भारत आया था तो वह राजधानी के संभ्रांत इलाके चाणक्यपुरी इलाके में स्थित एक होटल में ठहरा था. उसकी आव्रजन रिपोर्ट के अनुसार, वह होटल जनपथ में भी ठहरा था और उसने लखनऊ, सहारनपुर और देवबंद का भी दौरा किया था. अजहर बांग्लादेश की यात्रा के बाद नकली पुर्तगाली पासपोर्ट पर भारत आया था. दो दिन ढाका में रहने के बाद बांग्लादेश एयरलाइंस से दिल्ली आया था.
शीला बोलीं- मनमोहन आतंकवाद से लड़ने में उतने कठोर नहीं थे जितने मोदी
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने गुरुवार को एक निजी चैनल को दिये इंटरव्यू में शीला दीक्षित ने स्वीकार करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह आतंकवाद से लड़ने में उतने कठोर नहीं थे, जितने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. हालांकि, इसके साथ ही शीला दीक्षित ने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित होने के साथ ही राजनीतिक लाभ उठाने के लिए होते हैं.
सुरक्षा बलों को आइइडी बनाने वाले जैश के आतंकी ‘लंबू’ की तलाश
श्रीनगर. सुरक्षा बल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी इस्माइल भाई उर्फ लंबू की सरगर्मी के साथ तलाश में जुटे हैं. माना जा रहा है कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में प्रयुक्त विस्फोटक (आइइडी) को इस्माइल ने तैयार किया था. अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इस्माइल भाई पिछले साल दिसंबर में कश्मीर में दाखिल हुआ और अत्यंत संवेदनशील इलाके त्राल में घूम रहा है. पुलिस के मुखबिरों ने भी ऐसे ही शख्स की पहचान की थी.
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