दिल्ली किसकी आज सुप्रीम कोर्ट में आयेगा अहम फैसला, एलजी बनाम दिल्ली सरकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Feb 2019 8:59 AM (IST)
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नयी दिल्ली : दिल्ली सरकार बनाम एलजी मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला आयागा. चीफ जस्टिस एके सीकरी की अगुवाई में बेंच फैसला देगी. दिल्ली सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उठाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने लिस्ट जारी कर गुरुवार सुबह 10.30 बजे फैसले का वक्त दिया था. यह […]
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नयी दिल्ली : दिल्ली सरकार बनाम एलजी मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला आयागा. चीफ जस्टिस एके सीकरी की अगुवाई में बेंच फैसला देगी. दिल्ली सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उठाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने लिस्ट जारी कर गुरुवार सुबह 10.30 बजे फैसले का वक्त दिया था. यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि दिल्ली सरकार और एलजी के बीच सर्विसेज, एंटी करप्शन ब्रांच जैसे कई विभागों को लेकर खींचतान चल रही है. आज इस फैसले के आने गतिरोध दूर होने की संभावना है.
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से सरकार और एलजी के बीच विवाद शुरू हो गया. दिल्ली सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को 24 जनवरी को उठाया गया. दिल्ली सरकार की तरफ से इस मामले का पक्ष सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने रखा और वही इस मामले को अदालत तक लेकर गये थे. कोर्ट से अपील की थी इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द की जाए ताकि कई महीनों से रूकी फाइलों का निपटारा हो सके. इस अपील पर जस्टिस सीकरी ने कहा था कि मामले से संबंधित फाइल उनके ब्रदर जज के पास हैं और वह जल्दी फैसले की कोशिश कर रहे हैं. दोबारा यह माला पिछले हफ्ते 7 फरवरी को मामला उठाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद एक नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था.
कहां फंसा है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने 4 जुलाई को सुनाये गये अपने ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा था कि एलजी को मंत्री परिषद की सलाह पर काम करना होगा. वह स्वतंत्र तौर पर काम नहीं कर सकते अगर कोई अपवाद या विवाद हो तो वह मामले को लेकर राष्ट्रपति के पास जा सकते हैं . ऐसे में अगर कोई फैसला राष्ट्रपति लेंगे तो उस फैसले को अमल किया जायेगा. इस फैसले के बाद दिल्ली सरकार ने दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और कहा, सर्विसेज और एंटी करप्शन ब्रांच जैसे मामले में अब भी एलजी का गतिरोध कायम है.
एलजी की तरफ से क्या कहा गया
एलजी को केंद्र ने अधिकार दिया है ऐसे में सिविल सर्विसेज का मामला एलजी के हाथ में है क्योंकि ये अधिकार राष्ट्रपति ने एलजी को दिये हैं. चीफ सेक्रटरी की नियुक्ति पर फैसला भी एलजी ही लेंगे. अन्य राज्यों के राज्यपाल की तुलना में दिल्ली के एलजी को विशेष अधिकार मिले हैं.
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