ePaper

मेघालय खदान हादसा : नौसेना, एनडीआरएफ का दल खदान के अंदर घुसा

Updated at : 30 Dec 2018 6:09 PM (IST)
विज्ञापन
मेघालय खदान हादसा : नौसेना, एनडीआरएफ का दल खदान के अंदर घुसा

लुम्थारी (मेघालय) : भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के कर्मियों का एक दल 370 फुट गहरी खदान में जल स्तर का पता करने के लिए रविवार की दोपहर को उसके भीतर घुसा. इस खदान में 15 मजदूर फंसे हुए हैं. नौसेना के गोताखोर और उनके उपकरण दोपहर करीब डेढ़ बजे घटनास्थल पर पहुंचे जिसके बाद नौसेना […]

विज्ञापन

लुम्थारी (मेघालय) : भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के कर्मियों का एक दल 370 फुट गहरी खदान में जल स्तर का पता करने के लिए रविवार की दोपहर को उसके भीतर घुसा. इस खदान में 15 मजदूर फंसे हुए हैं. नौसेना के गोताखोर और उनके उपकरण दोपहर करीब डेढ़ बजे घटनास्थल पर पहुंचे जिसके बाद नौसेना अधिकारियों ने खदान में पानी के स्तर को मापना शुरू किया.

अधिकारियों ने बताया कि उनके पास ओड़िशा के बचाव दल द्वारा लाये 10 पंप भी रखे हैं. इस बीच गोताखोरों को भी जरूरत पड़ने पर तैयार रखा गया है. जिले के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के करीब 200 बचावकर्ता घटनास्थल पर तैनात हैं. ओड़िशा दमकल सेवा का एक दल अपने साथ 10 उच्च क्षमतावाले पंप लेकर आया है. पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक सिल्वेस्टर नोंगटियर ने बताया कि कम से कम दो पंपों को खदान के अंदर जल के स्तर तक ले जाना होगा. ओड़िशा के मुख्य दमकल अधिकारी एस सेठी ने बताया कि उनके दल को पंप से पानी बाहर निकालने का काम दिया गया है और वे इस काम के लिए तैयार हैं. सेठी ने कहा, हमारी बस यही चिंता है कि अगर अब हम पंप लगाते हैं तो कार्बन खींचने से खदान के अंदर घुटन हो सकती है.

उन्होंने बताया कि बाकी के आठ पंपों को इलाके में चिह्नित किये गये विभिन्न स्थानों पर लगाया जायेगा. सीआईएल कोलकाता के जीएम एके भराली ने बताया कि एक उच्च क्षमतावाला सबमर्सिबल पंप सीआईएल रांची से रविवार को पहुंच रहा है. इसमें प्रति मिनट 500 गैलन तक पानी निकालने की क्षमता है. चार दिन पहले यहां पहुंचे भराली ने कहा कि खदान में जैसे ही जेनरेटर और प्लेटफॉर्म उपलब्ध होंगे पानी निकालने का काम शुरू किया जायेगा. उन्होंने बताया कि रांची, धनबाद और आसनसोल में सीआईएल केंद्रों से पांच और पंप आ रहे हैं और वे किसी भी समय आ सकते हैं. उन्होंने बताया कि सीआईएल के 25 कर्मचारियों का एक दल घटनास्थल पर है और सर्वे दल अपना काम कर रहा है.

गौरतलब है कि खनिक 13 दिसंबर को पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के लुम्थारी गांव के क्सान इलाके की एक खदान में नजदीकी लैतिन नदी का पानी भर जाने के बाद से अंदर फंसे हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और कोल इंडिया की मदद से बचाव अभियान में लगा है. जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नौसेना के गोताखोरों ने बताया है कि उनके पास खदान में 100 फुट अंदर तक जाने की क्षमता है, जबकि एनडीआरएफ के गोताखोर 30 फुट अंदर तक जा सकते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola