भगोड़े आर्थिक अपराधियों को कहीं छुपने नहीं देगी मोदी सरकार

Published at :07 Dec 2018 12:43 PM (IST)
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भगोड़े आर्थिक अपराधियों को कहीं छुपने नहीं देगी मोदी सरकार

नयी दिल्ली : भारत दूसरे युग में छलांग लगाने को तैयार है. हमारी सरकार भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने को तत्पर है. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कोएक कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि ‘न्यू इंडिया की संकल्प से सिद्धि की यात्रा’ पर आगे बढ़ते हुए भारत दूसरे युग में छलांग लगाने […]

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नयी दिल्ली : भारत दूसरे युग में छलांग लगाने को तैयार है. हमारी सरकार भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने को तत्पर है. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कोएक कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि ‘न्यू इंडिया की संकल्प से सिद्धि की यात्रा’ पर आगे बढ़ते हुए भारत दूसरे युग में छलांग लगाने के लिए तैयार है और सरकार करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तत्पर हैं. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार शत-प्रतिशत लोगों को करीब-करीब सभी मूलभूत सुविधाएं देने के करीब पहुंच गयी है.

भगोड़े आर्थिक अपराधियों को छुपने की जगह ना मिले इसके लिए प्रयासरत है सरकार

भ्रष्टाचार पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को दुनिया में कहीं भी सुरक्षित पनाहगाह ना मिले इसके लिये उनकी सरकार प्रयासरत है और आशा है कि यह कोशिश रंग लाएगी. मोदी ने कहा कि उत्पादक और उपभोक्ता को जितना संभव हो पाए उतना पास लाया जाए. भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, हमारी नीति स्पष्ट भी है और सख्त भी. उन्होंने कहा कि जो आर्थिक अपराध करने वाले हैं, भगोड़े हैं, उनको दुनिया में कहीं भी सुरक्षित पनाहगाह ना मिले इसके लिए भारत ने कुछ सुझाव अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच रखे हैं. विश्वास है कि हमारी यह मुहिम रंग लाएगी.

मोदी ने कहा कि पिछले दिनों अर्जेंटीना में जी-20 शिखर सम्मेलन में आए नेताओं से उनकी बातचीत हुई. उन्होंने अपनी बातें दुनिया की ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के बीच रखी. उन्होंने जोर दिया कि गरीबों के सशक्तिकरण के माध्यम तैयार करने का यह काम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहने वाला, आने वाले समय में इसका विस्तार होना है.‘‘ हमारा प्रयास है कि तकनीक की मदद से बिचौलियों को हटाया जाए. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में सम्पर्क से लेकर संचार तक, प्रतिस्पर्धा से लेकर सुविधा तक, जीवन के हर पहलू को तकनीक से जोड़ने का प्रयास हो रहा है। तकनीक और मानवीय संवेदनाओं की शक्ति से सुविधाजनक जीवन जीने का माहौल सुनिश्चित किया जा रहा है. मोदी ने कहा कि आज बड़े लक्ष्यों, कड़े और बड़े फैसलों का अगर साहस सरकार कर पाती है, तो उसके पीछे एक मजबूत सरकार है, पूर्ण बहुमत की सरकार है. न्यू इंडिया के लिए सरकार का पूरा ध्यान सामर्थ्य, संसाधन, संस्कृति और सुरक्षा पर है.

विकास की पंचधारा

पीएम मोदी ने कहा कि विकास की पंचधारा यानि बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई, इसी को केंद्र में रखते हुए सरकार आगे बढ़ रही है.

विकास क्यों नहीं हुआ?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते चार वर्षों में आप इस परिवर्तन को होते हुए देख भी रहें हैं. आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं. लेकिन ये सब पहले क्यों नहीं हुआ?’ उन्होंने सवाल किया कि आप भी अकसर सोचते होंगे कि आखिर हमारा देश पिछड़ा क्यों रह गया? आजादी के इतने दशकों के बाद यह कसक आपके मन में भी होगी कि हम क्यों पीछे रह गए? प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास विशाल उपजाऊ भूमि है. हमारे नौजवान बहुत प्रतिभाशाली और मेहनती हैं. हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों की भी कोई कमी नहीं। इतना सब कुछ होने के बावजूद हमारा देश आगे क्यों नहीं बढ़ पाया?’ उन्होंने कहा कि मंजिलों की कमी नहीं थी, नीयत की कमी थी. पैसों की कमी नहीं थी, इच्छाशक्ति की कमी थी. समस्याओं की कमी नहीं थी, संवेदना की कमी थी. सामर्थ्य की कमी नहीं थी, कमी थी कार्यसंस्कृति की.

कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना
कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि अतीत में बड़े-बड़े लोग सत्ता में आए, बड़े-बड़े सरनेम (उपनाम) वाले लोग सत्ता में आए और चले गए लेकिन हम पिछड़े रह गए. उन्होंने कहा कि यह सब पहले इसलिए नहीं हुआ क्योंकि गरीबी कम हो जाएगी, तो ‘गरीबी हटाओ’ का नारा कैसे दे पाएंगे. जब देश के गरीब, शोषित और वंचितों को सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जायेंगी. उन्हें शौचालय, बिजली, बैंक खाते, गैस कनेक्शन जैसी चीजों की चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी, तो फिर देश के गरीब खुद ही अपनी गरीबी को परास्त कर देंगे. प्रधानमंत्री ने सवाल किया, सोचें आखिर क्यों, आजादी के बाद से 67 वर्षों तक केवल 70 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही बिजली पहुंच सकी, और अब बीते चार वर्षों में 95 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक बिजली कैसे पहुंच गई? सोचें आखिर कैसे 67 साल में सिर्फ 55 प्रतिशत घरों में गैस कनेक्शन था लेकिन पिछले चार सालों में यह दायरा बढ़कर 90 प्रतिशत परिवारों तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि पहले 67 सालों में सिर्फ 50 प्रतिशत परिवारों के पास बैंक खाते थे, लेकिन अब देश का लगभग प्रत्येक परिवार बैंकिंग सेवा से जुड़ गया है. चार साल पहले तक केवल 55 प्रतिशत बस्तियों, टोले और गांवों तक ही सड़क पहुंची थी और अब 90 फीसदी से ज्यादा बस्तियों, गांव, टोलों तक सड़क संपर्क पहुंच गया है.

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