ePaper

CM शिवराज ने अपनी परंपरागत सीट बुधनी से भरा नामांकन पत्र

Updated at : 05 Nov 2018 9:22 PM (IST)
विज्ञापन
CM शिवराज ने अपनी परंपरागत सीट बुधनी से भरा नामांकन पत्र

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले की अपनी परंपरागत बुधनी विधानसभा सीट से सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. वह इस सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं और अब पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ उनकी पत्नी साधना सिंह, […]

विज्ञापन

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले की अपनी परंपरागत बुधनी विधानसभा सीट से सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. वह इस सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं और अब पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं.

नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ उनकी पत्नी साधना सिंह, बेटा कुनाल, उनके चुनावी एजेंट रमाकांत भार्गव एवं वकील श्रेय राज सक्सेना मौजूद थे. पांच मार्च 1959 को जन्मे चौहान ने अपना पहला चुनाव वर्ष 1990 में बुधनी से ही जीता था और विधायक बने थे. इसके बाद वर्ष 2006 के उपचुनाव में प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते इस सीट पर जीते थे और फिर वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 के चुनाव में जीत हासिल कर इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. वह वर्ष 2005 से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और लगातार 13 साल तक मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का उन्होंने इतिहास रचा है. इसके अलावा, चौहान मध्यप्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट से पांच बार लगातार सांसद भी चुने गये. वह वर्ष 1991 में हुए उपचुनाव में पहली बार विदिशा सीट से सांसद बने थे. तब यह सीट वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा खाली की गयी थी, क्योंकि वाजपेयी वर्ष 1991 के आम चुनाव में विदिशा एवं लखनऊ की दो सीटों से लोकसभा चुनाव जीते थे.

इसके बाद चौहान वर्ष 1996, 1998, 1999 एवं 2004 में विदिशा से सांसद बने. वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में चौहान प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) के खिलाफ गुना जिले की राघौगढ़ सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन इन चुनावों में भाजपा को प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भी वह (चौहान) हार गये थे. हालांकि, बाद में उमा भारती एवं बाबूलाल गौर सहित अन्य पार्टी नेताओं में मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में अंदरूनी कलह हो गयी, जिसका फायदा चौहान को मिला और पार्टी ने बाबूलाल गौर को हटाकर उन्हें 29 नवंबर 2005 में मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया गया.

नामांकन पत्र जमा करने से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेसी मेरे परिवार पर आक्षेप लगाते हैं, लेकिन मेरा परिवार छोटा नहीं है. मेरा कुनबा बहुत बड़ा है और प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता मेरा परिवार है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मेरा भगवान है और मैं उसका पुजारी हूं. चौहान ने कहा कि पिछले सालों में बुधनी में क्या-क्या काम हुए हैं, यह आप सबके सामने हैं. अगले पांच सालों में मैं समृद्ध बुधनी और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाऊंगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच सालों में मैं प्रदेश से गरीबी मिटा दूंगा और मजदूर, मजदूर नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि हम नये उद्योग-धंधों को लायेंगे और प्रदेश के युवाओं को 10 लाख रोजगार उपलब्ध करायेंगे.

इससे पहले मुख्यमंत्री अपने गृह ग्राम जैत पहुंचे, जहां उन्होंने सपत्नीक मां नर्मदा और कुलदेवी की पूजा-अर्चना की. मुख्यमंत्री सलकनपुर धाम भी पहुंचे, जहां उन्होंने मां बिजासन के दर्शन किये और आशीर्वाद लिया. चौहान के अलावा, कई नेताओं ने 28 नवंबर को होनेवाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने-अपने नामांकन पत्र भरे. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह (कांग्रेस) ने अपनी परंपरागत चुरहट सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोतम मिश्रा (भाजपा) ने दतिया एवं वित्त मंत्री जयंत मलैया (भाजपा) ने दमोह से अपने-अपने नामांकन पत्र भरे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola