पंचतत्‍व में विलीन हुए भारतीय राजनीति के कालजयी स्‍तंभ ‘अटल'', कई दिग्‍गजों ने दी श्रद्धांजलि

Updated at : 17 Aug 2018 7:29 PM (IST)
विज्ञापन
पंचतत्‍व में विलीन हुए भारतीय राजनीति के कालजयी स्‍तंभ ‘अटल'', कई दिग्‍गजों ने दी श्रद्धांजलि

नयी दिल्ली : हिंदुस्तानी सियासत के अमिट हस्ताक्षर एवं कालजयी स्तम्भ अटल बिहारी वाजपेयी आज पंचतत्व में विलीन हो गये. कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी. अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया. उनकी दत्तक पुत्री […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : हिंदुस्तानी सियासत के अमिट हस्ताक्षर एवं कालजयी स्तम्भ अटल बिहारी वाजपेयी आज पंचतत्व में विलीन हो गये. कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी. अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया. उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने उन्हें मुखाग्नि दी.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा. वाजपेयी की अंतिम यात्रा में भाजपा मुख्यालय से उनके पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे वाहन के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पैदल चल रहे थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और श्रीलंका के विदेश मंत्री ने स्मृति स्थल पर जाकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. अटल बिहारी वाजपेयी को भूटान नरेश ने स्मृति स्थल पर पहुंच श्रद्धांजलि दी. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मृति स्थल पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

स्मृति स्थल पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा अघ्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. तीनों सेनाध्यक्षों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और विजय रूपाणी, शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और देवेन्द्र फडणवीस समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रीय स्मृति स्थल ले जा रहे वाहन के पीछे चल रहे थे. लंबी बीमारी के बाद वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में कल शाम एम्स में निधन हो गया था.

पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार यमुना नदी के किनारे स्थित ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर किया गया. उमसभरी गर्मी के बीच हजारों की संख्या में लोग सात किलोमीटर मीटर लम्बे मार्ग पर वाहन के साथ चल रहे थे. जिस मार्ग से वाजपेयी की अंतिम यात्रा गुजर रही थी, उस पर भारी सुरक्षाबल तैनात किये गये थे. अंतिम यात्रा के दौरान लोग ‘अटल बिहारी अमर रहे’ जैसे नारे लगा रहे थे.

दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय से पार्थिव शरीर को अपराह्न दो बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. वाजपेयी के पार्थिव शरीर को कल रात एम्स से कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आधिकारिक आवास ले जाया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी.

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये थे. कृष्णा मेनन मार्ग, सुनहेरी बाग रोड, तुगलक रोड, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, मान सिंह रोड़, भगवान दास रोड, शाहजहां रोड और सिकंदरा रोड समेत कुछ सड़कों को बंद किया गया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola