पूर्व की सरकारों की उपेक्षा के कारण विद्युतीकरण में पीछे रहा पूर्वी भारत : नरेंद्र मोदी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Jul 2018 9:53 AM
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ग्रामीण विद्युतीकरण के लाभार्थियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बात कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के लोगों से विद्युतीकरण के फायदों पर बात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए अरुणाचल प्रदेश की एक महिला ने बताया कि विद्युतीकरण से उनके गांव की तसवीर […]
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ग्रामीण विद्युतीकरण के लाभार्थियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बात कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के लोगों से विद्युतीकरण के फायदों पर बात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए अरुणाचल प्रदेश की एक महिला ने बताया कि विद्युतीकरण से उनके गांव की तसवीर बदल गयी और हर किसी का जीवन आसान हो गया. मोदी ने त्रिपुरा के लोगों से भी बात की. त्रिपुरा के एक व्यक्ति ने बताया कि बिजली आने से 135 लोगों वाले उनके गांव को काफी लाभ हुआ है. उन्होंने असम के लाभार्थियों से भी बात की. असम की एक महिला ने बताया कि उन्हें पहले अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूसरे के घरों पर जाना पड़ता था.
प्रधानमंत्री ने लोगों से बात करते हुए कहा कि विरोधी उनके काम में कमियां ढूंढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि वर्षों बाद गांव का जीवन रौशन हुआ. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बिजली के वादे किये लेकिन उसे पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि जिन 18 हजार गांवों में बिजली नहीं पहुंची थी, वे दुर्गम थे, नक्सल प्रभावित थे या पर्वतीय गांव थे.
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उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर व अरुणाचल प्रदेश के कुछ गांवों में हेलीकॉप्टर से सामग्री पहुंचानी पड़ी. कुछ गांवों में पहुंचने के लिए तीन-चार दिन का समय लगता था. खच्चर का सहारा लेना पड़ता था. लेकिन, इन गांवों में बिजली पहुंचाना सरकार के हर छोटे-बड़े मुलाजिम के प्रयासों का परिणाम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के रोरो गांव की एक महिला ने बात की. उन्होंने बताया कि विद्युतीकरण से जीवन बदल गया. पहले यह पता भी नहीं चलता है कि उनका गांव है, लेकिन अब स्थिति अलग है. मोदी से पलामू की महिलाओं व पुरुषों ने भी बात की. पलामू के छतरपुर के चंद्रशेखर गुप्ता ने बताया कि बिजली आने से प्रज्ञा केंद्र खुले, दुकानें खुलीं, वेल्डिंग की दुकान खुली, कोल्ड ड्रिंक मिलने लगा है. उन्होंने कहा कि रौशनी से उनका गांव जगमगा जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने पूर्वी भारत के विकास पर ध्यान नहीं दिया. यही कारण था कि देश के जिन 18, 374 गांवों में बिजली नहीं पहुंची थी, उनमें 14, 582 पूर्वी भारत के थे. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों को लगा होगा कि यहां लोकसभा की सीटें भी कम हैं और ऐसे में काम करने से कोई खास राजनीतिक लाभ नहीं होगा. उन्होंने कहा कि देश की सेवा राजनीतिक फायदे के लिए नहीं की जाती है.
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के एक व्यक्ति ने बताया कि उनके गांव में बिजली आने के बाद जीवन बदल गया है. लोग अब रात में भी एक-दूसरे की मदद को तैयार रहते हैं. उन्होंने कहा कि कि उनके दो बेटे व एक बेटी हैं जाे अब अच्छी तरह पढ़ाई कर पाते हैं.
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