ePaper

आदिवासियों से बोले केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव- विजय माल्या जैसे बनो स्मार्ट और...

Updated at : 14 Jul 2018 8:06 AM (IST)
विज्ञापन
आदिवासियों से बोले केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव- विजय माल्या जैसे बनो स्मार्ट और...

हैदराबाद : केंद्र सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने एक बेतूका बयान दिया है. उन्होंने आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए देश के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से प्रेरित होने की सलाह दे डाली है. शुक्रवार को जुएल उरांव एक कार्यक्रम में आदिवासियों को संबोधित करते हुए उन्हें उद्यमिता के प्रति […]

विज्ञापन

हैदराबाद : केंद्र सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने एक बेतूका बयान दिया है. उन्होंने आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए देश के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से प्रेरित होने की सलाह दे डाली है. शुक्रवार को जुएल उरांव एक कार्यक्रम में आदिवासियों को संबोधित करते हुए उन्हें उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने जनजातीय लोगों से कहा कि सिर्फ हार्ड वर्कर बनने से काम नहीं चलेगा. आपको स्मार्ट वर्कर बनना पड़ेगा.

मशरूम लेने जंगल गईं आदिवासी महिलाएं, ज़मानत करानी पड़ी

अपने संबोधन के दौरान मंत्री जी ने लोगों के प्रेरित करने के लिए भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रुपये लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या का उदाहरण उनके सामने रखा. उरांव ने कहा कि विजय माल्या ने गलत कामों में फंसने से पहले अपने बिजनेस को बहुत आगे बढा लिया था. उसकी उस सफलता से प्रेरित होने की जरूरत हमें है.

जुएल उरांव हैदराबाद में आयोजित पहली ‘राष्ट्रीय जनजातीय उद्यमी सम्मेलन’ में अपने विचार रख रहे थे. इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आप विजय माल्या को गाली देते हैं, लेकिन कौन है विजय माल्या? वह एक कुशल (स्मार्ट) शख्‍स है. उसने कुछ बुद्धिमान लोगों को काम पर रखा और फिर बैंकों, राजनीतिज्ञों, सरकार… को प्रभावित किया. ऐसा करने (स्मार्ट बनने से) से आपको कौन रोकता है? आदिवासियों से किसने कहा है कि सिस्टम पर अपना प्रभाव मत दिखाओ. आपको किसने रोका है कि आप बैंकों को प्रभावित मत करो.

Jharkhand : आदिवासी महिलाओं ने खूब नचाया खूंटी डीसी को, Video वायरल

इस कार्यक्रम में तेलंगाना के वित्त मंत्री इटाला राजेंद्र भी उपस्थित थे. इस मौके पर इटाला ने कहा कि बैंक भी आदिवासियों के साथ भेदभाव करते हैं. आदिवासियों को ऋण देने में उन्हें परेशानी होती है. बैंकों को अपनी नीतियों में सुधार करना चाहिए. उन्होंने भी माल्या का उदाहरण देते हुए कहा कि बैंक माल्या जैसे कारोबारी को हजारों करोड़ का ऋण देते हुए कुछ नहीं सोचते, लेकिन ईमानदार आदिवासी को वह 1 करोड़ का ऋण देने में भी हिचकिचाते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola