बुरहान वानी की दूसरी बरसी: घाटी में इंटरनेट सेवा सस्पेंड, रोकी गयी अमरनाथ यात्रा

Updated at : 08 Jul 2018 8:44 AM (IST)
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बुरहान वानी की दूसरी बरसी: घाटी में इंटरनेट सेवा सस्पेंड, रोकी गयी अमरनाथ यात्रा

श्रीनगर : आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर रविवार को अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का ऐलान किया है. हिज्बुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मौत को दो साल पूरा होने पर रविवार (8 जुलाई) को अलगाववादियों की रैली करने की योजना को नाकाम करने के लिए प्रशासन ने कश्मीर के त्राल में कर्फ्यू लगा दिया […]

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श्रीनगर : आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर रविवार को अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का ऐलान किया है. हिज्बुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मौत को दो साल पूरा होने पर रविवार (8 जुलाई) को अलगाववादियों की रैली करने की योजना को नाकाम करने के लिए प्रशासन ने कश्मीर के त्राल में कर्फ्यू लगा दिया है. कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के मकसद से अधिकारियों ने ऐहतियातन कुछ पाबंदियां लगायी हैं. इस दौरान अलगाववादियों द्वारा किये गये हड़ताल के आह्वान का भी शनिवार को मिलाजुला असर देखने को मिला.

अलगावादियों द्वारा बुलायी गयी हड़ताल को देखते हुए रविवार को एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गयी है. एहतियात के तौर पर कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी सस्पेंड कर दी गयी है. हालांकि बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा पर कोई रोक नहीं है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल कस्बे और श्रीनगर के नौहट्टा तथा मैसुमा पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लगायी गयी हैं. उन्होंने कहा कि कानून – व्यवस्था को बरकरार रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये ऐहतियाती तौर पर यह कदम उठाए गये हैं.

यहां चर्चा कर दें कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में आठ जुलाई 2016 को हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने त्राल के रहने वाले वानी को मार गिराया था. उसकी मौत के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे और लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा था. करीब चार महीने तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में करीब 85 लोगों की जान गयी थी.

अधिकारी ने कहा कि समूची घाटी में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है. इस बीच महिलाओं के कट्टरपंथी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के विरोध में बुलाई अलगाववादियों की हड़ताल का आज घाटी में मिलाजुला असर रहा. ज्वाइंट रेसिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादियों ने कल अंद्राबी और उसकी साथियों को स्थानांतरित किये जाने के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया था. जेआरएल ने लोगों से पूर्ण बंदी रखने और सड़कों पर न निकलने की अपील की थी.

जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी , मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक शामिल हैं. अधिकारियों ने कहा कि शहर के लाल चौक इलाके में जहां दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद थे वहीं शहर के दूसरे हिस्सों में हालात सामान्य थे. वानी की बरसी से पहले अलगाववादी नेताओं पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए कल मलिक को हिरासत में ले लिया था जबकि मीरवाइज और गिलानी को नजरबंद रखा गया है.

पत्थरबाजी के बाद सुरक्षा बलों की फायरिंग में तीन की मौत
कुलगाम जिले के क्यूमोह क्षेत्र स्थित हवोरा मिशीपोरा गांव में शनिवार को सुरक्षा बलों की तलाश अभियान के दौरान प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी करने लगे. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गयी. सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कथित तौर पर फायरिंग की, जिसमें एक 16 वर्षीय किशोर समेत तीन की मौत हो गयी. मृतकों की पहचान आंदलीब (16), इरशाद माजिद (18), शाकिर अहमद (22) के रूप में हुई है. ये सभी हवोरा के रहने वाले थे. झड़प में 10 पत्थरबाज घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके बाद कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा में इंटरनेट सेवा रोक दी गयी है.

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