शिलांग में दूसरे दिन भी कर्फ्यू, सेना ने किया फ्लैग मार्च, हिंसा में SP घायल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Jun 2018 8:15 PM

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शिलांग : शिलांग के कुछ हिस्सों में शनिवार को दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा. अशांत क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च निकाला और रात भर हुई हिंसा और आगजनी के बाद कई लोगों को बचाया गया. शिलांग में रात भर चली हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने एक दुकान और एक मकान को आग […]

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शिलांग : शिलांग के कुछ हिस्सों में शनिवार को दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा. अशांत क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च निकाला और रात भर हुई हिंसा और आगजनी के बाद कई लोगों को बचाया गया. शिलांग में रात भर चली हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने एक दुकान और एक मकान को आग के हवाले कर दिया और कम से कम पांच वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घायल हो गये.

रक्षा विभाग के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना से आग्रह किया कि प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च करे. सेना के जवानों ने फ्लैग मार्च किया और करीब 500 लोगों को बचाया जिसमें 200 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि बचाये गये लोगों को भोजन और पानी दिया गया और सेना की छावनी में उन्हें रखा गया है. सेना की छावनी में 101 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डीएस आहूजा ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की. ड्यूटी पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (शहर) स्टीफन रिंजा पर एक छड़ से वार किया गया जिसके बाद उन्हें शिलांग के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हिंसा में पुलिसकर्मी समेत कम से कम 10 लोग घायल हो गये जिसके बाद इलाके में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी. वहीं, शहर के अशांत मोटफ्रन इलाके में पथराव करनेवालों ने राज्य पुलिसकर्मियों पर हमला किया.

अधिकारी ने बताया कि दंगाइयों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गये, लेकिन दूसरे हिस्से के लोगों ने इसे पुलिस की गोलीबारी समझ लिया. गुरुवार को थेम मेटोर इलाके में स्थानीय लोगों के एक समूह ने बस के एक सहायक से कथित तौर पर मारपीट की थी जिसके बाद झड़प शुरू हो गयी थी. अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प ने तब और उग्र रूप ले लिया जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलायी गयी कि घायल सहायक की मौत हो गयी जिससे थेम मेटोर में बस चालकों का समूह इकट्ठा हो गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. बस सहायक और तीन अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.

पूर्वी खासी हिल्स के जिला अधिकारियों ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरे शहर में शुक्रवार की रात 10 बजे से सुबह के पांच बजे तक कर्फ्यू लगाया गया. उन्होंने बताया कि तीन स्थानीय लड़कों के साथ हुई मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की तलाश की जा रही है. अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को शनिवार को भी निलंबित रखा गया है. राज्य सरकार इस पर फैसला लेगी. जिले के उपायुक्त पीएस दकहर ने बताया कि लुमदियेंगज्री पुलिस थाना और कैंटोनमेंट बीट हाउस क्षेत्र के तहत आनेवाले 14 इलाकों में शुक्रवार की सुबह चार बजे से लगाया गया कर्फ्यू अब भी जारी है.

मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने लोगों से शांति बनाये रखने और शिलांग में स्थिति सामान्य बनाने की अपील की. इस बीच खासी छात्र संघ (केएसयू), फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपुल (एफकेजेजीपी) और हनीट्रेप यूथ काउंसिल ने स्थानीय लड़कों के साथ मारपीट में शामिल लोगों को सजा दिलाने और थेम मेटोर में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने की मांग की.

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