कर्नाटक में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं, अब आगे क्‍या ?, यह है सियासी गणित

Updated at : 15 May 2018 7:10 PM (IST)
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कर्नाटक में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं, अब आगे क्‍या ?, यह है सियासी गणित

नयी दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के अंतिम परिणाम जैसे-जैसे सामने आने लगे हैं, वैसे-वैसे वहां त्रिशंकु विधानसभा के आसार बढ़ने लगे हैं. मौजूदा स्थिति में भारतीय जनता पार्टी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आयी है. दूसरी ओर जद ( एस ) 38 सीट लाकर किंग मेकर की […]

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नयी दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के अंतिम परिणाम जैसे-जैसे सामने आने लगे हैं, वैसे-वैसे वहां त्रिशंकु विधानसभा के आसार बढ़ने लगे हैं. मौजूदा स्थिति में भारतीय जनता पार्टी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आयी है.

दूसरी ओर जद ( एस ) 38 सीट लाकर किंग मेकर की भूमिका में नजर आ रही है. कांग्रेस पार्टी को अब तक 78 सीट मिलती नजर आ रही है, हालांकि पार्टी ने अपनी हार स्‍वीकार कर ली है और उसने जेडीएस को समर्थन देने का फैसला कर लिया है. लेकिन अब कर्नाटक में सरकार किसकी बनेगी, किसे पहला मौका मिलेगा यह सब राज्‍यपाल के ऊपर निर्भर करता है.

इधर भाजपा के मुख्‍यमंत्री पद के उम्‍मीदवार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजूभाई वाला के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है. वहीं, जद एस नेता एच डी कुमार स्वामी ने कांग्रेस के समर्थन की पेशकश को स्वीकार करते हुए राज्यपाल से शाम में मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया.

* सबसे बड़े दल के रूप में भाजपा को सरकार बनाने का मिल सकता है मौका

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ सीटें कम मिलने और कांग्रेस द्वारा जद :एस: को सरकार बनाने का समर्थन देने की घोषणा के बीच भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाने में पार्टी रणनीतिकारों की मदद लिये तीन केंद्रीय मंत्रियों को कर्नाटक भेजा है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है.

कर्नाटक में पहला दृश्‍य तो ये हो सकता है कि राज्‍यपाल भापजा को सरकार बनाने के लिए पहला मौका दे सकते हैं, क्‍योंकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. कर्नाटक के ही पूर्व मुख्यमंत्री एसआर बोम्मई बनाम केंद्र सरकार का एक अहम मामला कर्नाटक के संदर्भ में एक उदाहरण बन सकता है. बोम्मई केस में कोर्ट आदेश दे चुका है कि बहुमत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा के पटल पर होगा.

* कांग्रेस-जेडीएस को मिल सकता है सरकार बनाने का मौका

कर्नाटक का मौजूदा स्थिति यह है कि वहां किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलती नजर आ रही है. वैसे में अगर राज्‍यपाल चाहें तो कांग्रेस और जेडीएस गंठबंधन को सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं.

पूर्ण बहुमत के लिए 112 सीट जादुई आंकड़ा है, लेकिन भाजपा को अभी के अनुसार मात्र 104 सीट मिनती नजर आ रही है. वहीं कांग्रेस के खाते में 78 और जेडीएस के खाते में 38 सीटें आती दिख रही हैं. वैसे में दोनों के गंठबंधन को राज्‍यपाल सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं.

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