जानिये ''Beating Retreat'' 26जनवरी के बाद क्यों मनाया जाता है ?

नयी दिल्ली :69वें गणतंत्र दिवस समारोह का समापन सोमवार को बीटिंग रिट्रीट के साथ हुआ. इस मौके पर तीनों सेनाओं ( थल, वायु और जल) के साथ पुलिस और पैरामिलिट्री के 18 बैंड 26 धुनों पर प्रस्तुति दीं. समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मौजूद थे. मिलिट्री बैंड ने मनमोहक धुनों के साथ उन्हें सलामी दी. […]
नयी दिल्ली :69वें गणतंत्र दिवस समारोह का समापन सोमवार को बीटिंग रिट्रीट के साथ हुआ. इस मौके पर तीनों सेनाओं ( थल, वायु और जल) के साथ पुलिस और पैरामिलिट्री के 18 बैंड 26 धुनों पर प्रस्तुति दीं.
समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मौजूद थे. मिलिट्री बैंड ने मनमोहक धुनों के साथ उन्हें सलामी दी. हर साल 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट का आयोजन किया जाता है. 26 जनवरी से शुरू इस 4 दिन के राष्ट्रीय पर्व की आखिरी परंपरा है. यह परंपरा 1950 से लगातार चली आ रही है.
इस बार के समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं.
* क्यों मनाया जाता है ‘बीटिंग रिट्रीट’
बीटिंग रिट्रीट सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है. दुनियाभर में बीटिंग रिट्रीट की परंपरा रही है. लड़ाई के दौरान सेनायें सूर्यास्त होने पर हथियार रखकर अपने कैंप में जाती थी, तब एक संगीतमय समारोह होता था. इसे ही बीटिंग रिट्रीट कहा जाता है.
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