दिल्‍ली में अवैध बूचड़खानों को बंद करने की पशु अधिकार समूह ने की मांग

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नयी दिल्ली : एक पशु अधिकार समूह ने राष्ट्रीय राजधानी के गैरकानूनी बूचड़खानों तथा बिना लाइसेंस के मांस बेचने वाली दुकानों को बंद करने की मांग की है. द फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन (एफआईएपीओ) ने एक बयान में कहा कि उसने गैरकानूनी बूचड़खानों के खिलाफ अभियान शुरू किया और खाद्य सुरक्षा विभाग एवं […]

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नयी दिल्ली : एक पशु अधिकार समूह ने राष्ट्रीय राजधानी के गैरकानूनी बूचड़खानों तथा बिना लाइसेंस के मांस बेचने वाली दुकानों को बंद करने की मांग की है. द फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन (एफआईएपीओ) ने एक बयान में कहा कि उसने गैरकानूनी बूचड़खानों के खिलाफ अभियान शुरू किया और खाद्य सुरक्षा विभाग एवं स्थानीय निकायों में इस तरह के प्रतिष्ठानों के खिलाफ शिकायतें दायर की हैं.

संगठन ने कहा, देश में हर दिन खाने के लिए हजारों पशुओं को मारा जाता है. पशुओं के साथ करुणामय व्यवहार, उनके लिए स्वस्थ तथा स्वच्छ माहौल सुनिश्चित करने वाले विशिष्ट कानूनों के तहत ही जानवरों को इस तरह से मारने की मंजूरी है. संगठन ने आरोप लगाया कि पक्षियों को गंदगी में और खराब तरह से रखा जाता है और पशुओं को उन दुकानों में मारा जाता है जिनके पास बुनियादी दस्तावेज नहीं हैं.

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बयान के अनुसार बीमार पक्षियों को स्वस्थ पक्षियों के साथ रखा जाता है और भोजन, पानी तथा स्वास्थ्य सेवा मुहैया नहीं करायी जाती. संगठन ने दावा किया कि पशुओं को उन दुकानों में मारा जा रहा है जहां केवल मांस बेचा जाना चाहिए. वहां कचरे के स्वच्छ निष्पादन के लिए या मांस के प्रसंस्करण के लिए उचित सुविधाएं नहीं हैं.

बयान में यह भी दावा किया गया कि नगर निकायों के पास इन दुकानों की जांच के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं है. संगठन निदेशक वरदा मेहरोत्रा ने कहा, हम स्थानीय निकायों एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से पशुओं एवं इंसानों के समान हितों को ध्यान में रखकर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू करने की अपील करते हैं.

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